सोने की कीमतों पर बना रहेगा दबाव
कमोडिटी रिव्यू
व्यापार संवाददाता | ग्वालियर
अमेरिकीशीर्ष बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना और हाजिर वायदा बाजार में मांग कमजोर होने से इस सप्ताह भी सोने की कीमतों में गिरावट के आसार हैं।
विदेशों में मंदी के समाचारों से शनिवार को समाप्त हुए सप्ताह में स्थानीय सराफा बाजार में दोनों बहुमूल्य धातुओं में गिरावट दर्ज की गई। सोना स्टैंडर्ड 300 रुपए लुढ़ककर 27,400 रुपए प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर पर गया। इसी प्रकार जेवराती सोना भी 300 रुपए की गिरावट के साथ 25,700 रुपए बिका। चांदी कच्ची 700 रुपए और चांदी पक्की 800 रुपए प्रति किलो लुढ़की। इनके भाव क्रमश: 41,000 रुपए और 41,700 रुपए प्रति किलो बोले गए। सराफा कारोबारियों के अनुसार श्राद्ध पक्ष में सोने-चांदी की मांग आमतौर पर सामान्य से कमजोर ही बनी रहती है, क्योंकि उपभोक्ता इस दौरान इनकी खरीद को शुभ नहीं मानते हैं।
जानकारों के अनुसार किटको न्यूज एजेंसी की ओर से किए गए सर्वे में हिस्सा लेने वाले 37 प्रतिभागियों में से 75 फीसदी का मानना है कि इस सप्ताह भी सोने की कीमतों पर दबाव बना रहेगा। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को समाप्त सप्ताह के दौरान अमेरिकी वायदा बाजार कॉमेक्स में दिसंबर वायदा सोने के भाव 3.1 फीसदी घटकर 1231.50 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुए, जो मई के बाद किसी भी एक सप्ताह में सोने के भावों में सर्वाधिक गिरावट है। पिछले सप्ताह अमेरिकी हाजिर बाजार में सोने के भाव गिरावट से 1227 डॉलर प्रति औंस के आसपास बने रहे।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर में मजबूती और ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना के मद्देनजर निवेश के लिहाज से सोने की मांग कम है। इससे सोने की कीमतों पर दबाव बना रहेगा। अभी हाजिर बाजार में सोने की मांग काफी कम है। चीन और भारत जैसे प्रमुख स्वर्ण आयातक देशों से भी मांग कम रही है। इन सबके चलते फिलहाल सोने की कीमतों पर दबाव रहने की संभावना है।