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16 साल बाद 1000 बिस्तर का अस्पताल मंजूर

7 वर्ष पहले
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यह भवन टूटेंगे

ये होंगे फायदे

जेएएचसमूह के अंतर्गत एक हजार बिस्तर के नए अस्पताल का भवन बनने का रास्ता साफ हो गया है। गुरुवार को भोपाल में हुई बैठक में पीडब्ल्यूडी की पीआईयू (प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन यूनिट) ने आर्किटेक्ट का चयन कर उसे मंजूरी दे दी है। 16 साल में ये मंजूरी मिली है। नए भवन के लिए जेएएच परिसर की बिल्डिंग क्वार्टर को तोड़ने का काम जल्द शुरू होगा। अब भवन के लिए दो माह के भीतर डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जाएगी। अभी अस्पताल भवन के लिए करीब 400 करोड़ का अनुमानित बजट मांगा गया है। लेकिन भवन पर कितना खर्च आएगा यह डीपीआर के बाद ही तय हो पाएगा।

नए अस्पताल का 1998 में प्रस्ताव बनाकर केंद्र को भेजा गया। वर्ष 2005 में तत्कालीन सीएम बाबूलाल गौर ने इसकी घोषणा की थी। तत्कालीन अधीक्षक डॉ. ज्योति बिंदल ने प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार की और जगह भी चुनी, लेकिन बाद में खारिज हो गई। 29 अगस्त 09 को कैबिनेट ने 116.80 करोड़ की राशि स्वीकृत की। एक करोड़ की टोकन मनी भी दी, लेकिन टेंडर तक नहीं कर पाए। 4 नवंबर 09 को टीबी अस्पताल के पास सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भूमिपूजन किया। वर्ष 12 में ग्वालियर पॉटरीज की जमीन जेएएच के नाम पर आरक्षित हो गई। इस जमीन पर क्वार्टर, पीएम हाउस, नर्सिंग हॉस्टल बनाए जाएंगे, जो अभी नए भवन के निर्माण में बाधा बन रहे हैं। इधर चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने प्रमुख सचिव अजय तिर्की को अस्पताल भवन के लिए काम शुरू करने के निर्देश दिए। गुरुवार को प्रमुख सचिव अजय तिर्की ने बैठक बुलाई। इसमें डीएमई डाॅ. एसएस कुशवाह, डीन डॉ. जीएस पटेल, अधीक्षक डॉ ज्योति बिंदल, नोडल अधिकारी डॉ. अक्षय निगम मौजूद रहे। इसमें पीआईयू ने दिल्ली की डिजाइन एसोसिएट के कंसेप्ट प्लान को सहमति दी।

ऐसा दिखेगा नया अस्पताल

इन्सीनरेटर

पोस्टमार्टम हाउस

जेल वार्ड

जेेएएच क्वार्टर

टीबी अस्पताल

नर्सिंग हॉस्टल

विभाग पलंग

मेडिसिन390

मेडिसिनआईसीयू 52

नेफ्रोलॉजी30

ईएनटी32

सर्जरी300

सर्जरीआईसीयू 20

बर्नयूनिट 20

बर्नआईसीयू 08

आर्थोपेडिक240

ईएनटी40

मनोरोगविभाग 30

टीबी-चेस्ट120

आरआईसीयू140

चर्मरोग 36

कुल1328

यह भवन यथावत रहेंगे

Áमुख्यपत्थरवाली बिल्डिंग (ईएनटी, सर्जरी, मेडिसिन आर्थोपेडिक) को म्यूजियम बनाया जाएगा।

Áनएकार्डियकयूनिट।