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धर्म के बिना जीवन कुछ नहीं : मुनिश्री

7 वर्ष पहले
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ग्वालियर| यदिधर्म नहीं होता तो जीवन का क्या महत्व होता। जन्म से लेकर मृत्यु तक एक धर्म ही तो ऐसा है जो हमें अच्छे -बुरे का, पाप -पुण्य का, रिश्ते -नातों का ज्ञान कराता है। हमें क्या करना है, क्या नहीं करना है कौन से कार्य अच्छे होते हैं और कौन से बुरे यह सब हमें धर्म ही तो सिखाता है। भोजन हमारा शरीर मांगता है लेकिन हमें भोजन में क्या खाना है यह हमें धर्म सिखाता है। धर्म के बिना जीवन कुछ नहीं। यह विचार मुनिश्री पुलक सागर ने गुरुवार को जैन छात्रावास में धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

धर्म सिखाता है जीवन जीने के सूत्र

एकगाय को प्यास लगती है तो वह नाली का भी पानी पी लेती है, जबकि एक इंसान को प्यास लगती है तो वह नाली का नहीं नल का पानी पीता है। नाली और नल के पानी का ज्ञान हमें धर्म से मिलता है। क्या करना हमारे आत्महित में है और क्या करना आत्मा के अहित में होता है। धर्म हमें जीवन जीने के सूत्र देता है,जिसके जीवन में धर्म नहीं हो और मनुष्य अधर्मी हो उसका जीवन तो जानवर के समान होता है।