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31 मार्च तक नहीं रोक सकते सिलेंडर की सप्लाई, कलेक्टर बोले-ग्राहक परेशान तो लूंगा एक्शन

6 वर्ष पहले
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यदि आप परेशान हैं तो

इनसे कर सकते हैं संपर्क

बैठक में एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप


लास्टडेट से पहले ही एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई बंद होने से सवा लाख ग्राहक परेशान हैं। तेल कंपनियों की मनमानी पर जब शहर में हल्ला मचने लगा तो सोमवार को आपात बैठक बुलाई गई। इसमें कलेक्टर ने दो टूक कहा कि 20 फरवरी तक खाता लिंक कराने की अपील की गई है। वे इस काम में मदद भी कर रहे हैं। इससे पहले सप्लाई क्यों रोक दी गई। यदि 31 मार्च से पहले सप्लाई रोकी तो दोषी अफसर-एजेंसी पर एक्शन लूंगा। तेल कंपनियों के रवैये से नाखुश कलेक्टर कुछ ही देर बाद बैठक से उठकर चले गए। बाद में कुछ देर जिला पंचायत सीईओ इलैया राजा टी ने बातचीत की।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने खाता लिंक कराने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया है। तेल कंपनियों के आग्रह पर कलेक्टर पी नरहरि इस काम को 20 फरवरी तक निपटाना चाहते हैं। दूसरी तरफ तेल कंपनियों ने प्रशासन का साथ मिलते ही उत्साह में ऐसे सवा लाख ग्राहकों की एलपीजी सप्लाई 10 दिन से रोक रखी है जिन्होंने खाते लिंक नहीं कराए हैं। दो दिन से इसको लेकर जब हल्ला मचना चालू हुआ तो आनन फानन में सोमवार को बैठक बुलाई गई।

ये बैठक कितनी जल्दबाजी में बुलाई गई, इसका अंदाज इसी से लगता है कि गैस डिस्ट्रीब्यूटरों को बैठक की सूचना बैठक चालू होने के बाद दी गई। कलेक्टोरेट में दोपहर 12.30 बजे हुई इस बैठक में गैस डिस्ट्रीब्यूटरों ने भी बैंक तेल कंपनियों पर मनमानी के आरोप लगाए। अब देखना है कि तेल कंपनियों की मनमानी रुकती है या नहीं।

डिलीवरी बंद करने का कोई आदेश नहीं

^ऐसा कोई आदेश नहीं है कि खाता लिंक कराने वाले ग्राहकों को 31 मार्च से पहले ही सब्सिडी वाले सिलेंडर देना बंद कर दिया जाए। यदि ऐसा हो रहा है तो वह अफसरों से बात करेंगे। अमलेशदत्ता, डीजीएम एलपीजी मध्य प्रदेश

मदद के लिए पहल की थी, परेशानी बर्दाश्त नहीं

^मैंनेतेल कंपनियों की मदद के लिए पहल की है। वे ग्राहकों को परेशान कर रहे हैं तो यह बर्दाश्त नहीं होगा। सिलेंडर की सप्लाई रोकी तो गैस एजेंसी या तेल कंपनी के अफसर जो भी दोषी होंगे, उन पर एक्शन लिया जाएगा। इसके लिए प्रशासकीय आदेश जारी करूंगा और फिर धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। पीनरहरि, कलेक्टर

{बीपीसी-जेनिस जे रक्कल-76788-12075

{एचपीसी-ऋषि कुमार-91655-22966

{आईओसी-विक्रम प्रताप सिंह-94253-00522) मयंक शिवहरे-94250-13766

{डीबीटीएल के गार्जियन-अमरजीत सिंह- 070241-28911

{किसीभी कंपनी के ग्राहक, टोल फ्री नंबर: 155233,18002333555 याफिर 18602332222पर।

नोट-यदिअफसरों के फोन उठें तो इंडेन ग्राहक क्षेत्रीय कार्यालय, सेकंड फ्लोर, बहादुरा रेजीडेंसी इनकम टैक्स दफ्तर के पास पहुंचकर अपनी शिकायत कर सकते हैं।

62.5%

तीनों कंपनियों के (1.86 लाख) ग्राहक डीबीटीएल से जुड़े।

11%

खाते लिंक नहीं। डिटेल देने के बाद भी बैंकों पर स्टाफ होने से नहीं जुड़े।

1,80,856

ग्राहकों की 10 करोड़ 27 लाख रुपए सब्सिडी खाते में पहुंची।

04

बड़े शहरों में ग्वालियर आधार के मामले में सबसे नीचे।

302066

एलपीजी ग्राहक

तेल कंपनियों के अफसर वाहवाही लूटने के लिए डीबीटीएल का काम 31 मार्च से पहले पूरा करना चाहते हैं। खाता लिंक कराने में ग्वालियर जबलपुर से पीछे इंदौर से आगे है। अफसरों का मानना है कि जब सप्लाई ही नहीं होगी, ग्राहक परेशान होंगे तब खाता लिंक कराने का टारगेट पूरा होगा।

तेल कंपनियों ने पिछले दस दिन से एजेंसियों को सब्सिडी वाले सिलेंडरों की सप्लाई बंद कर रखी है। एजेंसियों पर मौजूद सिलेंडर की सप्लाई भी करने के मौखिक निर्देश हैं। इसी कारण इन दिनों सिलेंडरों की सप्लाई नहीं हो पा रही है।

ऐसा क्यों कर रही हैं तेल कंपनियां

जानिए क्यों रही है दिक्कत

1 जिला पंचायत सीईओ इलैया राजा टी ने पूछा कि पिछले 20 दिन में 61 हजार ग्राहक कम कैसे हो गए। तेल कंपनियों ने सफाई दी कि 180 दिन में बुकिंग होने पर ऐसा होता है।

2 एक गैस डिस्ट्रीब्यूटर ने कहा 462 वाले (सब्सिडी) सिलेंडर की सप्लाई क्यों रोक दी। तेल कंपनी को अधिकार नहीं है। ग्राहक परेशान हो रहे हैं। इंडेन के अफसर ने कहा कि यदि ऐसा नहीं करेंगे तो कोई खाता लिंक नहीं कराएगा।

3 श्री राधे इंडेन एजेंसी के संचालक ने कहा कि ग्राहक आधार-बैंक खाता दे चुका है पर लिंक नहीं हुआ है। वह रिलीविंग लेकर जाता है। बैंक काम नहीं कर रहे हैं। लीड बैंक अफसर ने कहा- हां कुछ परेशानियां तो हैं।

4 बैठक के बाद कुछ एजेंसी संचालकों ने जब डीबीटीएल के गार्जियन अमरजीत सिंह से बात की तो उन्होंने भी स्वीकार लिया कि कुछ दिक्कतें रही हैं।

5 तेल कंपनी बैंक के अफसर ने कहा कि यदि बैंकों से परेशानी है तो वह प्रूफ दें। इस पर एजेंसी संचालकों ने कहा कि ग्राहक कुछ नहीं समझता। परेशानी से उसमें गुस्सा है।