- Hindi News
- पहले ग्वालियर चंबल में पकड़ें भ्रूण परीक्षण करने वालों को
पहले ग्वालियर-चंबल में पकड़ें भ्रूण परीक्षण करने वालों को
भोपाल| प्रदेशके डॉक्टर, महिला एवं बाल विकास मंत्री माया सिंह द्वारा सोनाेलॉजिस्ट को सुपारी किलर कहे जाने से नाराज हैं। उन्होंने मंत्री को सलाह दी है कि वे ग्वालियर-चंबल संभाग में भ्रूण परीक्षण करने वालों को पकड़ें। क्योंकि इसी संभाग में ऐसे सबसे ज्यादा परीक्षण होते हैं। गौरतलब है कि ग्वालियर श्रीमती सिंह का गृह जिला है। उन्होंने विधानसभा चुनाव ग्वालियर पूर्व सीट से जीता है। मंत्री के बयान के विरोध में इंडियन एसोसिएशन ऑफ रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। बयान से नाराज मप्र मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन के सदस्य बुधवार को काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। श्रीमती सिंह ने यह बयान शनिवार को दिया था।
वे राजधानी में मप्र राज्य मानवाधिकार आयोग के स्थापना दिवस समारोह में बोल रही थीं। इंडियन एसोसिएशन ऑफ रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग की भोपाल यूनिट के अध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र लूनावत ने भास्कर से कहा कि प्रदेश में ग्वालियर और चंबल संभाग की सोनोग्राफी क्लीनिक में डॉक्टर्स भ्रूण लिंग परीक्षण करते हैं। श्रीमती सिंह द्वारा इस क्षेत्र की गड़बड़ी के आधार पर पूरे प्रदेश के सोनोलॉजिस्ट को सुपारी किलर कहना गलत है। डॉ. लूनावत ने मंत्री को सलाह दी कि वे ग्वालियर-चंबल की सोनोग्राफी क्लीनिक्स में स्टिंग ऑपरेशन कर भ्रूण परीक्षण करने वालों को पकड़ें। डॉ. लूनावत ने बताया कि एसोसिएशन इस संबंध में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ज्ञापन सौंपेगी। बयान के विराेध की रणनीति तय करने के लिए एसोसिएशन के सदस्यों की मंगलवार को भोपाल में बैठक होगी।
विशेष अभियान चलाएं मंत्री
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रद्धा अग्रवाल ने दावा किया कि सरकारी और प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले अधिकांश डॉक्टर कभी भी गर्भस्थ शिशु का लिंग पता करने, सोनोग्राफी कराने की सलाह नहीं देते। भ्रूण लिंग परीक्षण कराने की मंशा रखने वाले खुद ही गलत काम करने वाले डॉक्टरों से संपर्क करते हैं। उन्होंने बताया कि शिशु लिंगानुपात की सबसे ज्यादा बेकार स्थिति ग्वालियर - चंबल संभाग में है। इस कारण श्रीमती सिंह को सभी सोनोलॉजिस्ट के बारे में टिप्पणी करने के बजाय इस संभाग में भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले डॉक्टरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाना चाहिए।
सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टर बुधवार को ओपीडी में काली पट्टी बांधकर काम