शिफ्टिंग से छात्रों ने छोड़ा स्कूल
जनकगंजस्कूल की इमारत गिरने के बाद पांच स्कूलों की शिफ्टिंग दूसरे भवन में किए जाने से छात्रों ने पढ़ाई छोड़ दी है। शिफ्ट हुए स्कूलों में बहुत कम छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए पहुंच रहे हैं। नए भवन में स्कूलों को शिफ्ट हुए छह दिन बीत चुके हैं। जनकगंज परिसर में संचालित पांच प्राइमरी मिडिल स्कूल में 466 बच्चे दर्ज हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने नए भवनों में जाकर स्थिति देखी तो केवल 184 बच्चे ही स्कूलों में उपस्थित मिले। 282 बच्चे स्कूल में अनुपस्थित पाए गए। बच्चों के स्कूल छोड़ने का कारण यह बताया जा रहा है कि जिन भवनों में स्कूल शिफ्ट किए गए हैं। वह बच्चों के घर से दो किमी से लेकर चार किमी की दूरी पर हैं। साथ ही स्कूलों में पानी बिजली की व्यवस्था भी नहीं है। इसलिए बच्चों ने स्कूल आना बंद कर दिया है।
सामुदायिककेंद्र के एक कमरे में चल रहा स्कूल: प्राथमिकविद्यालय जनकगंज को सूबे की गोट गेंड़ेवाली सड़क पर स्थित सामुदायिक केंद्र पर शिफ्ट किया गया है। यहां एक कमरे में कक्षा एक से लेकर पांच तक के छात्राओं की क्लास लगाई जा रही है। इस स्कूल में 41 बच्चे दर्ज हैं। लेकिन सोमवार को केवल 22 बच्चे ही स्कूल में मिले। स्कूल में बिजली की व्यवस्था नहीं होने के कारण बच्चें गर्मी से बेहाल थे। इतना ही नहीं पेयजल की भी व्यवस्था नहीं थी।
मिडिल स्कूल में 132 में से मिले 40 बच्चे
मिडिलस्कूल जनकगंज क्रमांक दो को प्राथमिक विद्यालय गेंड़ेवाली में शिफ्ट किया गया है। यहां 132 बच्चे दर्ज हैं। लेकिन सोमवार को स्कूल में 40 बच्चे ही मिले। दो कमरों में कक्षा छह से लेकर आठ तक की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। बिजली की व्यवस्था नहीं होने के कारण छात्र गर्मी से बेहाल थे। बच्चे कॉपी से हवा कर खुद को राहत पहुंचा रहे थे। बच्चों का कहना था कि स्कूल में पेयजल तक की व्यवस्था नहीं है। इसलिए उन्हें परेशानी हो रही है।
125में से 50 बच्चे ही क्लास में मिले, गर्मी से थे परेशान
मिडिलस्कूल जनकगंज क्रमांक एक को कन्या दानाओली मिडिल स्कूल में शिफ्ट कर दिया गया है। यहां पर बिजली पेयजल की व्यवस्था नहीं है। बच्चे गर्मी के कारण परेशान थे। एमएम आशा शर्मा का कहना था कि कुछ दूरी पर हैंडपंप लगा है। बच्चों के लिए वहीं से पानी मंगवाते हैं। इस स्कूल में 125 दर्ज हैं जबकि क्लास में 50 बच्चे ही मिले। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय शरणा