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\"समाज को दिशा देते हैं लेखक\'

7 वर्ष पहले
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समाजको दिशा देने का काम हो या फिर जागरूक करने का। लेखक अपनी लेखनी के जरिए समाज के उत्थान में यह भूमिका बखूबी निभाते हैं। शिक्षा से लेकर समाज को बहुत कुछ देने में एक लेखक का अहम योगदान होता है। ग्वालियर में भी अच्छे लेखकों की कमी नहीं है। यह बात प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री मायासिंह ने कही।

वे गुरुवार शाम जयेंद्रगंज स्थित राजपूत छात्रावास में आयोजित सम्मान समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं। स्व.उदय सिंह भदौरिया की स्मृति में मप्र लेखक संघ द्वारा आयोजित सम्मान समारोह की अध्यक्षता संत कृपाल सिंह ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रेमचंद सृजन पीठ उज्जैन के निदेशक डॉ.जगदीश तोमर मौजूद रहे। इनके अलावा डॉ.अन्नापूर्णा भदौरिया, डॉ.सत्या शुक्ला सहित अन्य लोग मौजूद रहे। संचालन मुक्ता सिकरवार ने किया।

समारोहमें पुस्तक का भी हुआ विमोचन

समारोहमें महिला एवं बाल विकास मंत्री मायासिंह को शक्ति सम्मान से नवाजा गया। उन्हें डॉ.अन्नपूर्णा भदौरिया ने शॉल, श्रीफल स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर साहित्यकार दुर्गा प्रसाद शर्मा की पुस्तक \\\"पुनर्जन्म एवं कार्यकाल\\\' और \\\"आर्य जाति का मूल निवास\\\' का विमोचन अतिथियों ने किया।

award event

समारोह में कवियों ने रचना पाठ भी किया। आलोक शर्मा, अंजू यादव, एवी दुबे सहित अन्य कवि शामिल थे।

आने वालों के लिए महबे दुआ रहता हूं मैं, मैं हूं दरवाजा मोहब्बत का खुला रहता हूं मैं।

-मदन मोहन दानिश

गुनहगारोंके हिस्से में सजाएं कौन लिखेगा, यहां दम तोड़ते ख्वाबों की आहें कौन लिखेगा।

-कवि रवींद्र रवि

इब्तिदासे डरिए, इल्जाम से

जिंदगी गुजरेगी आराम से

-डॉ. मुक्ता सिकरवार

समारोह में मंत्री मायासिंह का सम्मान करतीं डॉ.अन्नापूर्णा भदौरिया। फोटो: भास्कर