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रात दस बजे के बाद ट्रेनों में नहीं घूम सकेंगे वेंडर
ट्रेनोंमें लगातार हो रही चोरियों को रोकने के लिए जीआरपी को हाईटेक किया जाएगा। इसके लिए अगले सप्ताह से विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे। यात्री सजगता दिखाएंगे तो एप के जरिए ट्रेनों में अपराध को जल्द ही काबू में कर लिया जाएगा। यह बात जीआरपी डीजी मैथलीशरण गुप्त ने दैनिक भास्कर से विशेष चर्चा के दौरान कही। श्री गुप्त सोमवार को ग्वालियर निरीक्षण के लिए आए थे।
श्री गुप्त ने कहा कि ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीआरपी कुछ एप डवलप कर रही है। इन एप पर यात्री ट्रेनों में अवैध रूप से घूमने वाले वेंडरों का फोटो खींचकर जीआरपी को भेज सकते हैं। ट्रेनों में लगातार हो रही चोरियों पर इन्होंने कहा कि कुछ गैंग जीआरपी के निशाने पर हैं जल्द ही इनकी धरपकड़ कर चोरियों का खुलासा किया जाएगा।
वेंडर अवैध हो या वैध, रात में नहीं घूमेंगे ट्रेन में
ट्रेनों में रात दस बजे तक अधिकांश यात्री खाना खाकर सो जाते हैं। ऐसे में यात्री को चाय की जरूरत रहती, किसी अन्य चीज की। इसलिए रात में दस बजे के बाद वेंडरों काे ट्रेन में नहीं घूमने दिया जाएगा।
मप्रजीआरपी को बनाएंगे रोल मॉडल: श्रीगुप्त ने कहा कि मप्र जीआरपी को देश में रोल मॉडल बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हें ट्रेनिंग देकर यात्रियों से अच्छा व्यवहार करना सिखाया जाएगा। इसके अलावा चोरी और अन्य घटनाओं में आनाकानी करने वाले कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
बैरककी दुर्दशा पर लगाई फटकार : डीजीश्री गुप्त ने स्टेशन पर लगे कैमरों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इसके बाद श्री गुप्त प्लेटफार्म नंबर एक पर स्थित जीआरपी बैरक पहुंचे। यहां पर एक ही कमरे की लाइट जल रही थी। सीवर बंद पड़ा था। पुताई नहीं होने के कारण कमरे बदरंग थे। श्री गुप्त ने रेल कर्मचारियों की फटकार लगाते हुए सात दिन में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा। इसके बाद श्री गुप्त ने लोको और जीआरपी कर्मचारियों के आवास का निरीक्षण किया।
ईमानदारीसे काम करें तब मिलेगा सम्मान: प्लेटफार्मनंबर चार पर स्थित वेटिंग रूम में डीजीपी श्री गुप्त ने दरबार लगाया। पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए इन्होंने कहा कि क्यों पुलिस का सम्मान नहीं किया जाता? कारण यह है कि हम अपना काम ईमानदारी से नहीं करते। इन्होंने स्टाफ को ईमानदारी से काम करने की नसीहत दी।