मुरार नदी से अतिक्रमण हटाने पर असमंजस
ग्वालियर| मुरारनदी को चौड़ा करने और नदी के दोनों ओर सड़क बनाने के लिए हटाए जाने वाले अतिक्रमणों के मामले में अभी तक असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस मामले में 18 दिसंबर तक नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करना है। इसको लेकर गुरुवार को कलेक्टर पी नरहरि ने बैठक बुलाकर नगर निगम कमिश्नर अजय गुप्ता से जानकारी मांगी। श्री गुप्ता का कहना था कि मुरार नदी राजस्व के दायरे में आती है, इस कारण राजस्व विभाग के अफसरों को ही वहां से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करना चाहिए। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बिलौआ में सड़क निर्माण मामले में कोताही बरतने पर पीडब्ल्यूडी के अफसरों के खिलाफ की गई लिखापढ़ी का हवाला भी दिया। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि मुरार नदी से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी निगम को ही करना है।