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20 मिनट में 12 गोलियों से खत्म हुआ शेरा का आतंक
अंचलमें दो पुलिसकर्मियों और तीन कारोबारियों की हत्या कर आतंक कायम करने वाले तीस हजार के इनामी बदमाश शेरा उर्फ रवि किरार को पुलिस ने शुक्रवार की सुबह महाराजपुरा इलाके में मुरैना-झांसी हाईवे पर एनकाउंटर में ढेर कर दिया। शेरा अपने एक साथी के साथ शहर से निकलने की फिराक में था। तभी इसका सामना पुलिस से हो गया। पुलिस और इसके बीच लगभग बीस मिनट फायरिंग हुई। इस दौरान पुलिस की 12 गोलियां इसके शरीर में धंस गईं। इसका साथी कट्टे से गोलियां चलाता हुआ भाग गया। शेरा के कब्जे से पुलिस को 32 बोर की पिस्टल, तीन मैगजीन, साढ़े आठ हजार रुपए और मुरैना के एक वकील भोपाल के एक पत्रकार का विजिटिंग कार्ड मिला है।
गौरतलब है कि इससे पहले 7 दिसंबर की रात शेरा के दो साथी विक्की वाल्मीकि और सोनू नागर भी एनकाउंटर में मारे गए थे। इसके बाद से ही पुलिस गिरोह के सरगना शेरा को तलाश रही थी। इसी दौरान शेरा ने जौरा में पेट्रोल पंप संचालक गिर्राज अग्रवाल की हत्या कर दी। इसके बाद ग्वालियर और मुरैना पुलिस शेरा की घेराबंदी में लग गई थी। शेष|पेज14 पर
{रतनगढ़ हादसे की जांच रिपोर्ट विस में पेश
भोपाल|पिछलेसाल दतिया जिले के रतनगढ़ में हुए हादसे के लिए एसएएफ के प्रधान आरक्षक छोटेलाल दोहरे और आरक्षक हुकुमचंद को जिम्मेदार माना गया है। घटना की जांच के लिए गठित राकेश सक्सेना न्यायिक जांच आयोग ने किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारी को इसके लिए जिम्मेदार नहीं माना है। 13 अक्टूबर 2013 को हुई इस घटना में 116 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई थी और 163 श्रद्धालु घायल हुए थे। घटना के दो दिन बाद गठित जांच आयोग ने 20 मार्च 2014 को अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी थी। सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य ने शुक्रवार को रिपोर्ट विधानसभा में पेश की। शेष|पेज14 पर
> एक साथी भागने में सफल, 20 मिनट तक हुई फायरिंग
>शेरा के कब्जे से 32 बोर की पिस्टल, तीन मैगजीन, साढ़े आठ हजार रु. मिले
>मुरैना के एक वकील भोपाल के पत्रकार का विजिटिंग कार्ड भी मिला
...और इधर
116 लोगों की मौत, सिर्फ दो पुलिसवालों को माना जिम्मेदार
मुठभेड़ में धराशायी बदमाश शेरा
शुक्रवार की सुबह 6.50 पर मुरैना-झांसी हाईवे पर हुई मुठभेड़