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जीवित होने का प्रमाण देने पर अटकी पेंशन

7 वर्ष पहले
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ट्रेजरीमें जीवित होने का प्रमाण देने वाले सैकड़ों पेंशनरों की नवंबर माह की पेंशन रोक दी गई है। जिन्होंने प्रमाण-पत्र दे दिए हैं उन्हें पेंशन का भुगतान हो गया है। गोरखी ट्रेजरी से पेंशन ले रहे पेंशनरों को दिसंबर के बाद पेंशन बैंकों से ही मिलेगी।

जिले में राज्य सरकार के पेंशनरों की संख्या 25 हजार सेे ज्यादा है। इनमें से 1 सितंबर 2010 के बाद रिटायर्ड हुए कर्मचारियों को पेंशन गोरखी ट्रेजरी से मिलती है। इन सभी को अब बैंकों से पेमेंट होगा। ट्रेजरी से केवल कर्मचारी के रिटायरमेंट के बाद पहला पेमेंट होगा। गोरखी ट्रेजरी के वरिष्ठ अधिकारी देवेंद्र पलिया ने कहा कि जिन पेंशनरों ने जीवित होने का प्रमाण-पत्र दे दिया है उन्हें पेंशन दिसंबर के पहले सप्ताह में मिल चुकी है। श्री पलिया ने बताया कि अभी सैकड़ों पेंशनर ऐसे हैं जिन्होंने अपने जीवित होने का प्रमाण-पत्र 14 दिसंबर तक नहीं दिया है। इन्हें नवंबर की पेंशन का भुगतान, प्रमाण-पत्र दिए बिना नहीं होगा। वरिष्ठ ट्रेजरी आॅफिसर ने कहा कि जीवित होने के प्रमाण-पत्र के लिए पेंशनर को केवल एक बार उनके दफ्तर में उपस्थित होना है। इसके बाद वे स्वयं ही पेंशनर के जीवित होने का प्रमाण-पत्र जारी कर देंगे।

ऑनलाइन व्यवस्था ठप

केंद्र सरकार ने पेंशनरों के जीवित होने के प्रमाण-पत्र के लिए ऑनलाइन व्यवस्था भी लागू कर दी है। इस सुविधा का लाभ पेंशनर तभी ले सकेगा जब या तो वह कियोस्क सेंटर पर जाए या फिर उसके घर में इंटरनेट और प्रिंटर की सुविधा हो। केंद्र सरकार की नई व्यवस्था काफी उलझाऊ होने के कारण ही बहुत कम पेंशनर इससे जुड़े हैं।