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गैंग मुरैना की, फ्रंट पर आई ग्वालियर पुलिस
खाकी के सुपर कप्तान के पुराने जिले का नेटवर्क मौके पर काम गया और वह बैकफुट से फ्रंट पर गए मुरैना वाले देखते रह गए साहब विक्की और शेरा दोनों को ग्वालियर ले आए। बताते हैं कि इस काम में मुरैना वालों का भी रोल रहा लेकिन वह अदृश्य रहे। साहब ने लोहे (गैंग) को काटने के लिए लोहे के इस्तेमाल का तरीका अपनाया सुपर कप्तान साहब की कलाकारी को अब मुरैना वाले साहब भी मान रहे है, माने भी क्यों काम ही एेसा किया है। अब ये बात अलग है कि लिंक जोड़ने में कुछ झोल होनेे से हमेशा की तरह इस बार भी संशय बरकरार है। लेकिन तसल्ली इस बात की है कि एक अपराधी मारा गया। मुकेश राठौर के एनकाउंटर में बुरी तरह उलझे होने के बाद फिर एनकाउंटर की हिम्मत दिखाना भी काबिल-ए-तारीफ तो है, यदि रामप्रीत और सरमन की कहानी दोहराए तो।
मछली तो मिल गई थी, अब मुकुट का इंतजार
आईपीएस बनाम आईएएस
वर्दी वाले विजय और अखिलेश का मामला पुलिस मुख्यालय तक चर्चा में पहुंच गया है। चर्चा इस बात की है सरकार वाले गलती होने पर भी बिना वर्दी वालों का ही सपोर्ट करते हैं। यह मामला भी नॉर्मल बातचीत का था, लेकिन टीआई के अंदाज पर ही विवाद खड़ा कर दिया और उन्हें थाने से हटवा दिया। परिवहन के पुराने मुखिया को भी नया पद दिलाने में इसी लॉबी का काम बताया जा रहा है, जो दिल्ली के रास्ते से कराया गया। अब अाईपीएस करें भी क्या जब सरकार के मंत्रियों को ही आईएएस लॉबी चलाती है तो उन्हें तो चलना ही है, लेकिन इससे उनका मोरल डाउन जरूर हो रहा है जो गंभीर बन सकता है।
झूलेलाल मंदिर की चोरी में अब थाने वाले परेशान हैं। परेशानी दूर करने के लिए वह पुरानी चोरी और उसे ट्रेस करने वाले साहब से भी मशविरा कर रहे हैं। आठ साल पहले मंदिर में चोरी गई मछली तो सड़क पर मिल गई थी और बाद में मुकुट भी। अब थाने के बीट वाले भी पुराने साहब से मशविरा कर आगे बढ़ रहे है। देखे मुकुट कैसे हाथ लगता है। {संजय बौहरे