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4 मौत, 10 पीड़ित और 22 संदिग्ध

6 वर्ष पहले
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स्वाइन फ्लू का इलाज

होम्योपैथी

आयुर्वेद

कैसे और क्यों जरूरी है मास्क

स्वाइन फ्लू हो, इसके लिए क्या करें

शुरुआती लक्षण

लोग मरने लगे तब दिया विज्ञापन, निकाला जुलूस

प्रदेश में स्थिति

abhishek70dev@rediffmail.com

प्रदेशमें स्वाइन फ्लू जितनी तेजी से अपने पैर फैला रहा है उतनी ही धीमी चाल शासन की है। अंचल में एक के बाद एक मौत का सिलसिला जारी है और जिम्मेदार अधिकारी अभी स्वाइन फ्लू से निपटने के इंतजाम ही नहीं कर पाए हैं। सरकारी आंकड़ों के हिसाब से ग्वालियर-चंबल संभाग में महज 19 दिन में स्वाइन फ्लू से पीड़ित चार मरीजों की मौत हो गई और दस मरीज पीड़ित हैं। अभी तक कुल 20 संदिग्ध मिले थे। मंगलवार की रात दो और संदिग्ध जेएएच में आए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में जांच की सुविधा तो दूर दवाअों तक का प्रबंध नहीं किया है। महानगर को छोड़ दिया जाए तो अंचल के शासकीय अस्पतालों में प्रबंध ही नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू की जागरुकता के नाम पर दो विज्ञापन और जिला मुख्यालय पर एक रैली निकालकर अपनी खानापूर्ति कर ली। बदइंतजामी का आलम यह है कि मरीजों के परिजन यहां से दिल्ली ले जाना बेहतर समझ रहे हैं।

स्वाइनफ्लू से हुई थी अनीता की मौत, डीआरडीई की रिपोर्ट में पुष्टि

ग्वालियरसे दिल्ली रैफर किए जाने पर सोमवार को रास्ते में भिंड निवासी अनीता दुबे की मौत हो गई थी। मंगलवार को डीआरडीई से आई जांच रिपोर्ट के बाद यह सामने आया है कि अनीता भी स्वाइन फ्लू से पीड़ित थी। रिपोर्ट में मुरैना के धीरज को भी स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई है। अंचल में स्वाइन फ्लू से यह चौथी मौत है। इससे पहले न्यू संजय नगर हजीरा, शिवपुरी और श्योपुर की महिला की मौत स्वाइन फ्लू से हो चुकी है। श्योपुर की महिला की मौत कोटा के शासकीय अस्पताल में इलाज के दौरान हुई थी। अभी तक सीएमएचओ कार्यालय के माध्यम से 25 मरीजों के सैंपलों की जांच कराई गई है, जिसमें 13 मरीजों को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई है। इनमें सबसे अधिक आठ मरीज ग्वालियर, दो भिंड शिवपुरी, मुरैना और धौलपुर के एक-एक मरीज शामिल हैं।

{जब भी खांसी या छींक आए, रूमाल या टिश्यू पेपर यूज करें। {थोड़ी-थोड़ी देर में हाथ साबुन और पानी से धोते रहें। {लोगों से मिलने पर हाथ मिलाने, गले लगने या चूमने से बचें। {शुरुआती लक्षण पर डॉक्टर से संपर्क करें।

ऐसे करें बचाव: {4-5तुलसी के पत्ते, 5 ग्राम अदरक, चुटकी भर काली मिर्च पाउडर और इतनी ही हल्दी को एक कप पानी या चाय में उबालकर दिन में दो-तीन बार पिएं। {गिलोय (अमृता) बेल की डंडी को पानी में उबाल या छानकर पिएं।{आधा चम्मच हल्दी पौन गिलास दूध में उबालकर पिएं।

कैसे करें बचाव: फइन्फ्लुएंजाइनम-200की चार-पांच बूंदें, आधी कटोरी पानी में डालकर सुबह-शाम पांच दिन तक लें। इसके साथ सल्फर 200 लें। इससे इम्यूनिटी बढ़ेगी और स्वाइन फ्लू नहीं होगा।

ये रहें सावधान

5साल से कम उम्र के बच्चे, 65 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग गर्भवती महिलाएं। जिन लोगों को निम्न में से कोई बीमारी है, उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

{फेफड़ों,किडनी या दिल की बीमारी

{मस्तिष्क संबंधी; न्यूरोलॉजिकल

{कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग

{डायबिटीज

{ऐसे लोग जिन्हें पिछले 3 साल में कभी भी अस्थमा की शिकायत रही हो या अभी भी हो।

{शुरुआती लक्षण में डॉक्टर की सलाह लें।

{गर्भवती महिलाओं का प्रतिरोधक तंत्र; इम्यून सिस्टम, शरीर में होने वाले हॉरमोन संबंधी बदलावों के कारण कमजोर होता है। खासतौर पर गर्भावस्था के तीसरे चरण यानी 27वें से 40वें सप्ताह के बीच उन्हें ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है।

{स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए सामान्य मास्क कारगर नहीं होता, लेकिन थ्री लेयर सर्जिकल मास्क को 4 घंटे तक और एन-95 मास्क को 8 घंटे तक लगा सकते हैं।

{मास्क मिले तो मलमल के साफ कपड़े की चार तहें बनाकर पर बांधें। इसे धोकर दोबारा भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

{खांसी या जुकाम होने पर मास्क पहनें।

{थ्री लेयर सजिर्कल मास्क : 10से 12 रुपये

{एन-95: 100से 150 रुपये

{गले में खराश लगातार बढ़ना।

{सिर में भयानक दर्द।

{उनींदे रहना, ज्यादा थकान होना।

{मांसपेशियों में दर्द या अकड़न होना।

{कफ और कोल्ड, लगातार खांसी।

{नाक का लगातार बहना, छींक आना।

पड़ोस के राज्य राजस्थान में स्वाइन फ्लू फैल चुका था, इसके बाद भी प्रदेश सरकार ने लोगों को जागरूक करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। जब यहां भी लोग इससे मरने लगे, तब स्वास्थ्य विभाग ने विज्ञापन जारी किए। स्वास्थ्य विभाग ने ग्वालियर में एक मरीज की मौत और आठ पॉजीटिव आने के बाद मशाल जुलूस निकाला। साथ ही मंगलवार से उन क्षेत्रों में शिविर लगाने शुरू किए हैं जहां मरीज मिला है। अंचल के अन्य जिलों में सिर्फ रैली निकाली गई है।

शहर संदिग्ध पॉजिटिव मौत

भोपाल211 77 12

इंदाैर 40 41 17

ग्वालियर 20 10 4

सागर 0 6 1

जबलपुर 11 3 1

सुमन की डिलीवरी कराने वाली डॉक्टर को स्वाइन फ्लू नहीं

धौलपुरसे आई स्वाइन फ्लू पीड़ित सुमन ने केआरएच में एक बच्ची को जन्म दिया था। बच्ची की जन्म के छह घंटे बाद मौत हो गई थी। सुमन की डिलीवरी कराने वाली डॉक्टर का सैंपल सोमवार को भेजा गया था। इसे जांच में स्वाइन फ्लू नहीं निकला है।

दोमरीजों के सैंपल डीआरडीई भेजे

शहरमें रोजाना स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीज रहे हैं। मंगलवार को दो मरीज बिड़ला हॉस्पिटल और जेएएच में भर्ती कराए गए हैं। इन मरीजों के सैंपल जांच के लिए मंगलवार को सीएमएचओ कार्यालय के माध्यम से डीआरडीई भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट बुधवार को आएगी।

अनीताथी गर्भवती

स्वाइनफ्लू से मरी भिंड निवासी अनीता दुबे गर्भवती थी। अनीता के पति मनोज दुबे ने बताया कि अनीता को करीब पांच माह का गर्भ था। इससे पहले भी न्यू संजय नगर, शिवपुरी की जिन महिलाओं की मौत स्वाइन फ्लू से हुई थी वे भी गर्भवती थीं।

निबुआपुरामें आज लगेगा शिविर

स्वास्थ्यविभाग स्वाइन फ्लू को लेकर दूसरा शिविर मुरार स्थित निबुआपुरा में बुधवार को सुबह दस बजे आयोजित करेगा। मंगलवार को न्यू संजय नगर में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में डॉक्टरों ने सर्दी, खांसी, जुकाम के 28 मरीज देखे और उन्हें मौके पर ही उपचार दिया।

यहांकर सकते हैं मरीज को भर्ती

स्वाइनफ्लू को लेकर सरकारी अस्पतालों में जेएएच और जिला अस्पताल मुरार मंे संदिग्ध मरीज को भर्ती किया जा सकता है। इसके अलावा बिड़ला अस्पताल में भी मरीज को भर्ती कर सकते हैं। वहीं जिला अस्पताल में मंगलवार को 119 मरीज अाए। जेएएच की ओपीडी में 88 मरीज दिखाने पहुंचे।