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मणिपुर एनआईटी में ग्वालियर के छात्रों को पीटा फिर बंधक बनाया
नेशनलइंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नाेलॉजी(एनआईटी) मणिपुर में बी टेक कर रहे ग्वालियर सहित प्रदेश के अन्य शहरों के छात्रों के साथ मारपीट कर हॉस्टल में बंधक बना लिया गया है। मारपीट से चोटिल छात्रों को तीन दिन बाद भी हॉस्टल से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। बंधक बनाने वालों ने इन लोगों के मोबाइल फोेन भी छीन लिए हैं। इस सबके पीछे कारण गुरुवार को मैस में खाने की थाली में थूकने की घटना का छात्रों द्वारा विरोध करना बताया गया है। प्रताड़ित होने वाले छात्रों में से ही एक ने दैनिक भास्कर के साथ उनके साथ हुई मारपीट की बात स्वीकार करते हुए यह अनुरोध किया कि उनकी पहचान उजागर की जाए अन्यथा उनके साथ कुछ और गंभीर घटना हो सकती है।
मिली जानकारी के अनुसार एनआईटी के मैस में खाने के दौरान गुरुवार को विवाद होने पर एक छात्र ने खाने की थाली में थूक दिया था। इसको लेकर छात्रों के बीच विवाद हुआ। खाने की थाली में थूकने वाला छात्र वहां का लोकल है। इसके बाद शुक्रवार को वहीं के छात्रों के एक ग्रुप ने मध्य प्रदेश बिहार के एक दर्जन छात्रों को घेरकर मारपीट की। सभी छात्रों को चोटें आई हैं। घायल छात्रों की इंस्टीट्यूट में ही पट्टी कर उनके मोबाइल छीन लिया और हॉस्टल में बंद कर दिया गया। ताकि वे अपने साथ हुए वाकये की जानकारी कहीं और दे सकें। हमले के दौरान छात्रों ने गार्ड के पास पहुंचकर उससे भी मदद मांगी लेकिन हमलावर छात्रों को फिर अंदर खींच ले गए। हमले में अंकित शर्मा, विपुल, संतोष को सिर आंख में गंभीर चोटें बताई गई हैं।
{घायल छात्रों को तीन दिन बाद भी हॉस्टल से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा
एनआईटी रजिस्ट्रार ने नहीं रखा अपना पक्ष
मध्यप्रदेश के छात्रों के साथ हुई घटना के संबंध में एनआईटी के रजिस्ट्रार राजकुमार ललित सिंह से उनके सेल नंबर पर संपर्क करने की कई बार कोशिश की गई। उन्हें मैसेज भी छोड़ा गया लेकिन उन्होंने अपना पक्ष नहीं बताया।
बिहार के छात्रों को ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया शुरू
हमले में बिहार के छात्र भी घायल हुए और घटना की जानकारी बिहार सरकार को मिलने के बाद सरकार ने इन छात्रों को बिहार में ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लेकिन मध्य प्रदेश के छात्रों की जानकारी अभी सरकार तक नहीं पहुंची है। इंस्टीट्यूट प्रबंधन ने घायल छात्रों के परिजन राज्य सरकार को कोई सूचना नहीं दी है।
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