चोरों का टारगेट डाउन ट्रैक की ट्रेनें
झांसी-आगराखंड में ट्रेन में चोरी की वारदात की पड़ताल में महत्वपूर्ण बात सामने अाई है। ट्रेन में लूट चोरी की वारदातें झांसी से ग्वालियर की ओर आने वाली ट्रेनों में अधिक दर्ज की गई हैं। पिछले नौ माह में दर्ज हुई वारदात में 70 फीसदी डाउन ट्रैक(झांसी-आगरा) आधी रात 12 से तड़के तीन बजे के बीच की गई हैं। इसके बावजूद जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं।
जनवरी से लेकर अब तक ग्वालियर सेक्शन में लूट और चोरी की तीस से अधिक बड़ी घटनाएं झांसी से ग्वालियर के बीच हुई हैं। बदमाश अब यात्रियों को लूटने के लिए बेहोश करने वाले स्प्रे का भी उपयोग करने लगे हैं। बदमाशों के निशाने पर सबसे ज्यादा एसी में बैठने वाले यात्री ही रहते हैं।
तमिलनाडुएक्सप्रेस के यात्री बने सबसे ज्यादा शिकार : बदमाशोंके निशाने पर सबसे ज्यादा तमिलनाडु एक्सप्रेस के यात्री हैं। मई से जुलाई तक बदमाशों ने तमिलनाडु एक्सप्रेस को तीन बार निशाना बनाया है।
अबतक नहीं मिली सुराग : जनवरीसे अब तक ट्रेनों में लूट और चोरी की 24 से अधिक बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें से किसी का भी सुराग नहीं मिला है।
गश्त बढ़ाने के निर्देश
^सभीथानों के प्रभारियों को ट्रेनों और स्टेशन पर गश्त बढ़ाने संदिग्धों की धरपकड़ के निर्देश दिए गए हैं। अवधेशगोस्वामी, एसपी,रेलवे