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नहीं सुलझा खत्म हो चुकीं फर्म की सदस्यता का मुद्दा
खत्महो चुकीं फर्मों की सदस्यता समाप्त करने का मुद्दा मध्यप्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की मौजूदा कार्यकारिणी भी तकनीकी कारणों के चलते नहीं सुलझा पा रही है। सोमवार को हुई स्थगित कार्यकारिणी की बैठक में यह मुद्दा 10 दिसंबर तक के लिए आगे बढ़ा दिया गया।
चेंबर ऑफ कॉमर्स के एक सदस्य ने पिछली कार्यकारिणी के समक्ष वर्ष 2010 में पत्र के माध्यम से यह मामला उठाया था। तब से लेकर आज तक यह मुद्दा निरंतर जारी है लेकिन अब तक इसका कोई समाधान नहीं निकल पाया है। बैठक में चेंबर अध्यक्ष विष्णु गर्ग, उपाध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल, मानसेवी सचिव भूपेंद्र जैन, संयुक्त मानसेवी सचिव प्रकाश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष कैलाश लहारिया सहित कार्यकारिणी सदस्य शामिल हुए।
यहथा मामला: चेंबरसदस्य नरेश अग्रवाल ने वर्ष 2010 में पिछली कार्यकारिणी के समक्ष पत्र के माध्यम से यह मामला उठाया था कि चेंबर ऑफ कॉमर्स से जुड़ी उन फर्म की सदस्यता समाप्त होनी चाहिए जो अब अस्तित्व में नहीं हैं। पिछली कार्यकारिणी ने मामला यह कहते हुए आगे बढ़ा दिया था कि इस मुद्दे को नई कार्यकारिणी तय करे। हालांकि जब यह पत्र दिया गया था उस समय चेंबर में सदस्य फर्म की संख्या करीब 1600 थी जो कि आज बढ़कर 3069 पर पहुंच गई है।
रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति के लिए सदस्य के चुनाव के दौरान नाराज होते चुनाव अधिकारी चंद्रमोहन नागौरी।
परामर्शदात्री समिति के चुनाव से पहले हुई नोकझोंक
चेंबर ऑफ कॉमर्स की मंडल रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति के लिए सदस्य का चुनाव सोमवार को चेंबर भवन में सदस्यों के बीच गरमागरम बहस और नोकझोंक के बीच हुआ। यह चुनाव विश्वास जेसवानी और संजीव अग्रवाल के बीच हुआ। चुनाव अधिकारी चंद्रमोहन नागौरी की देखरेख में हुए चुनाव में संजीव को 77 और विश्वास को 49 वोट मिले। इस तरह संजीव अग्रवाल समिति के सदस्य चुन लिए गए। मतदान से पहले बैठक के दौरान एक सदस्य अलका श्रीवास्तव ने कहा कि उन्हें निर्वाचन के लिए नामांकन दाखिले की जानकारी नहीं थी इसलिए वे आज अपना नामांकन दाखिल करना चाहती हैं। कुछ और सदस्यों ने भी कहा कि वे चुनाव लड़ना चाहते हैं लेकिन चेंबर के पदाधिकारियों ने उनकी मांग को यह कहते हुए नामंजूर कर दिया कि चेंबर की पत्रिका \\\"अर्थ वार्ता\\\' में सूचना निकाली गई थी।
दोमुद्दे 10 तारीख के लिए बढ़ाए: मंडलरेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्र