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प्री-पीजी में प्रवेश के लिए दीपक ने ~16 लाख में किया था सौदा
पीएमटीफर्जीवाड़ा रैकेट के सरगना दीपक यादव को प्री-पीजी में फर्जी तरीके से प्रवेश दिलाने के लिए 16 लाख रुपए में सौदा हुआ था। इसके लिए सॉल्वर का इंतजाम लखनऊ से किया गया था। यह खुलासा पीएमटी फर्जीवाड़ा रैकेट के लिए सॉल्वरों का इंतजाम कराने वाले संतोष चौरसिया ने किया है। संतोष ने यह भी बताया कि दीपक ने सॉल्वर का इंतजाम कराने वाले को सेलेक्ट होने के बाद पूरे रुपए भी नहीं दिए थे जिस पर दोनों का झगड़ा हुआ था। पुलिस, संतोष को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है ताकि प्री-पीजी में आने वाले सॉल्वरों के बारे में पता लगाया जा सके।
एएसपी वीरेंद्र जैन के अनुसार संतोष चौरसिया ने पूछताछ के दौरान बताया कि वर्ष 2006 में प्री-पीजी में दीपक यादव का सेलेक्शन फर्जी तरीके से हुआ था। उसने बताया कि उसने दीपक की मुलाकात लखनऊ में रहने वाले सुरेंद्र वर्मा से करवाई थी। सुरेंद्र ने फर्जी परीक्षार्थी बैठाने का सौदा सोलह लाख रुपए में तय किया था। सुरेंद्र, दीपक के लिए लखनऊ से सॉल्वर लाया था। भोपाल के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज के वर्ष 2006 बैच के छात्र अजीत सचान ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि उसने वर्ष 2008 में टी सिंघारिया एवं आनंद पटेल की जगह सॉल्वर बैठाए थे। टी सिंघारिया का प्रवेश जीआरएमसी में हुआ था। जबकि आनंद पटेल को जबलपुर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिला था। अजीत ने बताया कि उसने वर्ष 2009 में पवन नरवरिया, राजेश आर्मो, मूलेंद्र एवं ज्योरादित्य का चयन सॉल्वर बैठाकर कराया था। पवन को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।