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गुजरात में बाेवनी घटने का दिखा असर, जीरा 15 रुपए किलो महंगा

7 वर्ष पहले
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रामकृष्ण उपाध्याय | ग्वालियर

देशके प्रमुख जीरा उत्पादक राज्यों (गुजरात और राजस्थान)में चालू फसल सीजन में बोवनी घटने के आसार हैं। एक्सपोर्ट लगातार बढ़ रहा है। पैदावार कम होने की आशंका के बीच बड़े स्टॉकिस्ट खरीदी में सक्रिय हैं। यही कारण है कि जीरे की कीमतों में इन दिनों तेजी का रुख बना हुआ है।

जीरे के हाजिर भावों में एक हफ्ते के दौरान 10 से 15 रुपए प्रति किलो की तेजी दर्ज की गई है। जो जीरा 110 से 125 रुपए किलो बिक रहा था अब वह 125 से 135 रुपए किलो पर जा पहुंचा है। एनसीडीईएक्स पर जीरा दिसंबर वायदा 450 रुपए यानी 3.96 फीसदी की बढ़त लेकर 12,860 रुपए प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। जनवरी वायदा 500 रुपए यानी 3.92 फीसदी की तेजी के साथ 13,260 रुपए प्रति क्विंटल पर जा पहुंचा। जानकारों के अनुसार, कम बोवनी के चलते जीरे का उत्पादन घट सकता है। वहीं जीरे का एक्सपोर्ट बढ़ने से भी इसकी कीमतों में मजबूती को बल मिल रहा है। गुजरात की ऊंझा मंडी में जीरा बढ़ता हुआ 2220 से 2275 रुपए प्रति 20 किलो पर जा पहुंचा है। राजस्थान में जीरा क्वालिटी अनुसार 130 से 145 और दिल्ली मंडी में 120 से 156 रुपए तक मजबूत हुआ है।

बाजार के जानकारों की मानें तो गुजरात में 20 नवंबर तक की स्थिति में पिछले सीजन की तुलना में जीरे की बोवनी में 18 फीसदी की गिरावट आई है। चौतरफा बन रहे इन संकेतों से आने वाले महीनों में कीमतें 14 फीसदी तक उछल सकती हैं। गौरतलब है कि अप्रैल से अब तक कीमतों में 18 फीसदी की तेजी दर्ज की जा चुकी है।

2.68 लाख हेक्टेयर के मुकाबले इस साल 1.60 लाख हेक्टेयर में हुई बोवनी

गुजरात में इस साल जीरे की बोवनी में भारी गिरावट आई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य में इस साल करीब 1.60 लाख हेक्टेयर में जीरे की बोवनी हुई है, जबकि पिछले साल गुजरात के किसानों ने करीब 2.68 लाख हेक्टेयर में जीरा लगाया था। गुजरात में औसतन 3.88 लाख हेक्टेयर में जीरे की खेती होती है। देश में जीरे के कुल उत्पादन में गुजरात और राजस्थान राज्य की करीब 90 फीसदी तक हिस्सेदारी है।

वैश्विकबाजार में भारतीय जीरे की मांग बढ़ी >

अंतरराष्ट्रीयस्तर पर जीरे के अग्रणी उत्पादक देश सीरिया से जीरे का निर्यात नगण्य रह जाने के कारण भारत ही जीरे का एकमात्र आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। कारोबारियों के अनुसार वैश्विक बाजारों में भी बीते एक महीने से जीर