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\"इक और बेवफा की लिख रहा हूं गजल\'

7 वर्ष पहले
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मध्यभारतीय हिंदी साहित्य सभा की इंगित काव्य गोष्ठी में शहर के कवियों ने रचना पाठ किया।

poetry event

सिटी रिपोर्टर ग्वालियर

वर्तमानराजनीति के मुद्दे हों या फिर प्रेम के अफसाने। इन सभी को कवियों ने अपनी रचना के माध्यम से बयां किया। मध्य भारतीय हिंदी साहित्य सभा ग्वालियर की काव्य गोष्ठी का आयोजन दौलतगंज स्थित साहित्य भवन में किया गया। इसमें शहर के कवियों ने रचना पाठ किया।

गोष्ठी में गोष्ठी में मुख्य अतिथि राजकिशोर वाजपेयी और विशिष्ट अतिथि के रूप में आरती खेड़कर मौजूद रहीं। अध्यक्षता राजेश शर्मा ने की। कवि बशीर ने कहा कि \\\"ए मेरी जिंदगी तू मेरे साथ-साथ चल, इक और बेवफा की लिख रहा हूं गजल\\\'। काव्य गोष्ठी के बाद लेखनी पर भी चर्चा की गई। इसमें अतिथि और वक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखे।

मुझेआपकी बेटी रहने दो

राजेशशर्मा: क्यूही कुहरे का दिखा, हद से ज्यादा जोश। सूरज ने झर, झटक दी, किरणें लिपटी ओस।

राजकिशोरवाजपेयी: राष्ट्र-जननकी पीर को, जो अपनी पीर बताए। उसी पुरुष में राष्ट्र भी स्वयं प्रकट हो जाए।

आरतीखेड़कर: डूबोइंद्रघनुषी रंगों में, कूदो मस्ती की उमंगों में।

संजयजोशी: मेरीअंर्तमन की आवाज सुनो, मुझे आपकी बेटी ही रहने दो।

कमलाशंकरमिश्रा: हाथजोड़ प्रभु का, भजन कीजिए। कष्ट सारे तुम्हारे, हरे जाएंगे।