जप से पवित्र होती है आत्मा: संत रमेशलाल
ग्वालियर. जपसे आत्मा पवित्र होती है। शुद्ध आध्यात्मिक दृष्टि से किए गए जाप से जीवन को सार्थक दिशा मिलती है। यह विचार संत रमेशलाल ने शनिवार को दादाजी धर्मपुरी मंदिर में भागवत कथा सुनाते हुए व्यक्त किए। संतश्री ने कहा कि यदि समय हो तो तन से भगवान की सेवा करो। समय का अभाव है तो धन से भगवान की सेवा करो। तीसरी मानसी सेवा अर्थात मन से भगवान का ध्यान पूजन वंदन करो। इस अवसर पर छप्पन भोग लगाए गए।