ग्वालियर. गजराराजा मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने रैगिंग रोकने के लिए नई कार्य योजना तैयार की है। सीनियर और जूनियर में बेहतर तालमेल हो, इसके लिए कॉलेज में होने वाली प्रतियोगिताएं सांस्कृतिक कार्यक्रम अब इंटर क्लास की बजाय इंटर ग्रुप में कराए जाएंगे।
ग्रुप में प्रथम प्रोफ. से लेकर फाइनल प्रोफ. तक के छात्र रहेंगे। वहीं 10 छात्रों की समस्याएं सुनने के लिए एक चिकित्सा शिक्षक को तैनात किया जाएगा। समाधान नहीं होने पर छात्र विभागाध्यक्ष डीन से भी शिकायत कर सकते हैं।
जीआरएमसी के डीन डॉ. जीएस पटेल ने कॉलेज में होने वाली रैगिंग की शिकायतों पर अंकुश लगाने के लिए कार्य योजना तैयार की है। इसके तहत नए बैच के छात्रों को परेशानी हो, इसके लिए दस-दस छात्रों की जिम्मेदारी एक चिकित्सा शिक्षक को सौंपी जाएगी। छात्र इन चिकित्सा शिक्षकों को अपनी समस्याएं बता सकेंगे।
इसके बाद भी यदि छात्रों की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे विभागाध्यक्ष अौर डीन को अपनी समस्या से अवगत करा सकते हैं। रैगिंग की शिकायत कॉलेज में होने वाली प्रतियोगिताएं या सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान सामने आती थी। इस पर अंकुश लगाने के लिए इस साल इंटर क्लास की बजाय इंटर ग्रुप प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। हर ग्रुप में प्रथम प्राेफ. से लेकर फाइनल प्रोफ. के छात्र रहेंगे।
जीआरएमसी के डीन डाॅ. जीएस पटेल ने कहा कि रैगिंग रोकने के लिए हर संभव प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
हर दो माह में होगी पैरेंट्स मीटिंग
कॉलेज प्रशासन इस साल से पैरेंट्स मीटिंग भी आयोजित करेगा। इससे छात्रों के माता-पिता को अपने बेटे-बेटियों की प्रोग्रेस रिपोर्ट भी मिलती रहेगी। वहीं छात्र की हर गतिविधि पर माता-पिता के साथ कॉलेज प्रशासन की भी नजर रहेगी। डीन ने बताया कि पैरेंट्स मीटिंग दो माह में एक बार रखी जाएगी।