एसआई ने व्यापारी को पीटा, बाजार बंद
दुकान के बाहर खड़ी मोटरसाइकिल को देखकर एक सब इंस्पेक्टर को इतना गुस्सा आया कि उसने व्यापारी के साथ मारपीट कर दी। इससे गुस्साए व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर मुरार थाने का घेराव कर दिया। घेराव कर रहे व्यापारियाें की संख्या बढ़ते देख थाना प्रभारी ने पुलिस की गलती स्वीकार कर जैसे-तैसे मामला शांत कराया। घटना मुरार सदर बाजार स्थित दूध वाली गली के सामने शनिवार सुबह दस बजे की है। सदर बाजार मुरार का मुख्य बाजार है। यहां तो व्यवस्थित ट्रैफिक की व्यवस्था है आैर पार्किंग की। बावजूद इसके सड़क के दोनों आेर हाथ ठेला वालों का कब्जा है। इससे व्यापारी भी परेशान हैं आैर राहगीर भी। लेकिन हालात हैं कि बदलते ही नहीं।
सदर बाजार के रेडीमेड कपड़ा व्यवसायी विनीत खंडेलवाल सुबह अपनी दुकान पर बैठे थे। एक युवक दुकान के बाहर गाड़ी खड़ी कर पास में सामान खरीदने के लिए चला गया। इसी बीच मुरार थाने का सब इंस्पेक्टर वहां पहुंचा। उसने विनीत खंडेलवाल से पूछा कि मोटर साइकिल किसकी खड़ी है। दुकानदार ने बताया कि कोई ग्राहक खड़ी कर गया है। व्यापारी की यह बात सब इंस्पेक्टर को नागवार गुजरी और उसने दुकान पर बैठे व्यापारी को मुक्का मार दिया। यह देख आसपास के दुकानदार दुकानें बंद कर एकत्र हो गए और फिर मुरार थाने का घेराव करने जा पहुंचे। थोेड़ी देर बाद थाटीपुर के व्यापारी भी मुरार थाने पहुंचने लगे। इस स्थिति को देखकर पुलिस अफसर सकते में गए। थाना प्रभारी र|ेश तोमर ने व्यापारियों से गलती स्वीकार कर एसआई को फटकार लगाई।
पुलिसही खड़े कराती है हाथ ठेले
बसस्टैंड चौराहा सब्जी मंडी से लेकर सदर बाजार, गिर्राज मंदिर, बारादरी चौराहा तक सड़क के बीच में फल, सब्जी के 250 से 300 हाथ ठेले खड़े रहते हैं। इसके अलावा फुटपाथ कारोबारियों की दुकानें भी लगी रहती हैं। व्यापारियों का कहना है कि इन लोगों की वजह से सदर बाजार में ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। नगर निगम और पुलिसकर्मी सड़क के बीच में ठेले खड़े कराने के एवज में पैसे लेते हंै। कोई अफसर जब बाजार में आता है तो उसके आने से पहले ठेले वालों को वहां से हटा दिया जाता है।
मंगलवार को बैठक
^पार्किंग को लेकर व्यापारियों की सब इंसपेक्टर के साथ कहासुनी हो गई थी। बाद में मामले का निराकरण हो गया। पार्किंग ट्रैफिक की समस्या को लेकर मंगलवार को सर्किट हाउस में व्यापारियों की