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- सिर्फ छह वार्डों ने दिया कांग्रेस का साथ, शेष पर भाजपा भारी
सिर्फ छह वार्डों ने दिया कांग्रेस का साथ, शेष पर भाजपा भारी
नगरनिगम चुनाव में करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस में भले ही तकरार मची है। वार्डों में पराजय का सामना करने वाले कांग्रेसी एक-दूसरे के खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। शिकवे-शिकायतों का सिलसिला भी जारी है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ना तय है। लेकिन चुनाव परिणाम के आंकड़ों का एक पहलू यह भी है कि पार्टी के दस पार्षदों की जीत के बावजूद महापौर पद पर चुनाव लड़कर हारे दर्शन सिंह का साथ 66 में से सिर्फ 6 वार्डों के मतदाताआें ने दिया। बाकी 60 वार्डों के मतदाताआें ने भाजपा के विवेक शेजवलकर को पसंद किया। नतीजा, उनकी 91 हजार चार मतों से जीत हुई।
खास बात यह है कि कांग्रेस के पराजित महापौर उम्मीदवार दर्शन सिंह अपने खुद के वार्ड 19 में भी जीत हासिल नहीं कर सके। यहां उनके खाते में 3609 वोट आए, जबकि भाजपा के विवेक शेजवलकर के खाते में 4856 वोट आए। जिन दस वार्डों में कांग्रेस के पार्षद जीत हासिल करने में कामयाब रहे, उनमें से सिर्फ दो वार्डों में ही दर्शन सिंह को बढ़त हासिल होे सकी। इनमें एक वार्ड है हरिपाल का वार्ड 51 , इसमें दर्शन सिंह ने 3681 वोट लिए, जबकि विवेक शेजवलकर को 2853 वोट ही मिल सके। इसी तरह तबस्सुम खान के वार्ड 55 में दर्शन सिंह को 4809 आैर विवेक शेजवलकर को 3594 वोट हासिल हुए। भाजपा, इन दोनों वार्डों में कांग्रेस से पिछड़ी रही। शहर के इन दो वार्डों के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के छह में से चार वार्डोंं के मतदाताआें ने कांग्रेस के पार्षद उम्मीदवारों को भले ही नकार दिया लेकिन महापौर पद की लड़ाई में कांग्रेस के दर्शन सिंह का साथ दिया। वार्ड 60 में दर्शन सिंह को 3671 आैर विवेक शेजवलकर को 3094 वोड मिले। वार्ड 61 में यह आंकड़ा क्रमश: 3108 आैर 2498 वोटों का रहा तो वार्ड 63 में 3312 आैर 2679 वोटों का। इसी तरह वार्ड 66 में दर्शन सिंह को 1693 वोट मिले तो विवेक शेजवलकर को 1521 वोट ही मिल सके। खास बात यह रही कि चार में से तीन वार्डों में कांग्रेस के पार्षद उम्मीदवार लड़ाई में दूसरे नंबर पर रहे।
मामला महापौर पद का
भाजपा के खाते में खुशी के साथ मायूसी भी
नताजोंके हिसाब में ग्रामीण क्षेत्र के छह वार्डोंं में से पांच में भाजपा के पार्षद जीते हैं। यह उसके लिए खुशी की बात है। लेकिन उसकी इस खुशी में यह मायूसी भी छिपी हुई है कि आखिर महापौर के पद पर पार्टी के उम्मीदवार विवेक