ग्वालियर. जयारोग्य चिकित्सालय में नए साल से मरीजों के परिजन अब गले में पास लटकाकर ही प्रवेश ले सकेंगे। एक मरीज के परिजन को दो पास दिए जाएंगे। इसके लिए समय भी निर्धारित होगा। इस नियम का कड़ाई से पालन किया जाएगा। ताकि अस्पताल में सफाई और शांति बनी रहे। वहीं अस्पताल के स्टाफ को पार्किंग के लिए नि:शुल्क पास उपलब्ध कराए जाएंगे और वे निर्धारित स्थान पर ही अपने वाहन खड़े करेंगे।
यह जानकारी सोमवार को संवाददाताओं से चर्चा के दौरान जीआर मेडिकल कॉलेज के डीन डाॅ. जीएस पटेल और जेएएच की अधीक्षक डाॅ. ज्योति बिंदल ने दी। दो वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके डाॅ. पटेल ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि एक हजार बिस्तर के अस्पताल की योजना कागजों से निकलकर धरातल पर आई है। इस योजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयारी हो गई है।
इसके अलावा प्रदेश की सबसे अच्छी 128 स्लाइस की सीटी स्केन मशीन अस्पताल में चुकी है। बिजली का कनेक्शन कराकर जल्द ही इसे चालू करा दिया जाएगा। डाॅ. पटेल ने बताया कि जीआरएमसी को आठ विषयों में सुपर स्पेशलिटी पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए डेढ़ सौ करोड़ रुपए की स्वीकृति मिल चुकी है। इसके लिए कॉलेज जगह देगा। मंगलवार को केंद्रीय मंत्रालय के निर्देश पर सीनियर मैनेजर एसएस पोपली स्थान देखने के लिए ग्वालियर आएंगे। कैंसर प्रोजेक्ट के लिए भारत सरकार द्वारा दी गई 45 करोड़ की राशि से पीएटी स्केन लीनियर एक्सीनरेटर आदि स्वीकृत किए गए हैं।
इससे जेएएच समूह अंचल का पहला तृतीय स्तरीय कैंसर उपचार केंद्र बन जाएगा। बिजली की समस्या को देखते हुए जेएएच में एचटी कनेक्शन के लिए 3.47 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इन्होंने कहा कि परिसर में पार्कों का विकास करने के लिए समाजसेवी संस्थाओं की मदद ली जाएगी। इससे परिसर हराभरा और साफ रहेगा।