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एनआईटी में प्रदेश के छात्रों की सुरक्षा कराएं
नेशनलइंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नाेलॉजी (एनआईटी) मणिपुर में मारपीट कर बंधक बनाए गए छात्र अभी क्लास में नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्वालियर के एक छात्र के भाई ने मंगलवार को कलेक्टर एसएसपी को पत्र देकर अपने भाई मप्र के अन्य छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने उनका ट्रांसफर कराने के लिए शासन से पहल करने की मांग की है। दूसरी ओर एनआईटी हॉस्टल के वार्डन को बदल दिया है। लेकिन पीड़ित बंधक बनाए गए छात्र निदेशक रजिस्ट्रार में से एक को बदलने छात्रों को कुछ समय के लिए घर भेजे जाने की मांग कर रहे हैं।
एनआईटी मणिपुर में मारपीट कर बंधक बनाए गए ग्वालियर सहित मध्यप्रदेश, बिहार यूपी के छात्र अभी इंस्टीट्यूट में क्लास में नहीं पहुंच पा रहे है। एनआईटी में अध्ययनरत ग्वालियर के छात्र के भाई चेतन कौशिक ने मंगलवार को कलेक्टर पी नरहरि एसएसपी संतोष कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपकर एनआईटी में प्रदेश के छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शासन स्तर पर पहल कराए जाने की मांग की। ज्ञापन में हमले की घटना आए दिन होने वाली घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है। वहां छात्र अपनी सुरक्षा को लेकर आशंकित है। हॉस्टल के वार्डन को बदल दिया है लेकिन छात्रों से अभद्रता करने वाले सुपरवाइजर को नहीं बदला गया है। छात्रों का कहना है कि एक अधिकारी को बाहर रखा जाए।
बिहारके मंत्री सक्रिय, अपने मंत्री को दो दिन बाद आई सुध: मणिपुरएबीवीपी के प्रांताध्यक्ष जयकुमार संगठन मंत्री महेश भाई एनआईटी प्रशासन से छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चर्चा कर रहे हैं। बिहार सरकार के मंत्री एनआईटी में बिहार के छात्रों की सुरक्षा के लिए केंद्र मणिपुर सरकार के संपर्क में है। दूसरी और ग्वालियर में रविवार से ही छात्रों की सुरक्षा के मुद्दे पर मंत्री माया सिंह से संपर्क की कोशिश की लेकिन मंगलवार रात को उन्हें छात्रों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे की सुध आई। उन्होंने रात में ही छात्र से संपर्क किया और उसकी जानकारी ली। छात्र घर आना चाहता है। उनका कहना है इसके लिए व्यवस्था कराई जाएगी। उन्होंने दैनिक भास्कर को भी फोन पर बताया कि उनकी छात्र से बात हुई है।
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शिंदेकी छावनी में रहने वाले हेमंत गुप्ता का कहना था कि वह थाटीपुर में मयूर मार्केट के नजदीक चाय का ठेला लगाते हैं। 14 अगस्त को उनके पास थाटीपुर था