- Hindi News
- चुनाव के चक्कर में झंझट, शिलान्यास लोकार्पण फाइनल नहीं
चुनाव के चक्कर में झंझट, शिलान्यास-लोकार्पण फाइनल नहीं
चुनावके पहले मुख्यमंत्री से किस काम का शिलान्यास कराएं, किसका लोकार्पण? अफसर यह तय नहीं कर पा रहे हैं। इसी कारण पिछले तीन दिन से लिस्ट में काटछांट चल रही है। दूसरी तरफ घाटे में चल रहे ग्रामीण क्षेत्र के नगरीय निकायों के पास पैसा (बजट) नहीं है। इसी कारण वे शिलान्यास, लोकार्पण को लेकर उत्साहित नहीं हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का दौरा 19 सितंबर को होना है।
नगर निगम चुनाव के कारण मुख्यमंत्री की यात्रा को लेकर अफसर काफी गंभीर हैं। उन्हें मालूम है कि अक्टूबर में चुनाव की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लग जाएगी। इसके बाद तो लोकार्पण होंगे शिलान्यास राहत बांटने (हितग्राही मूलक योजनाओं में) के कार्यक्रम। इससे पहले मुख्यमंत्री का 13 सितंबर को ग्वालियर शहर में दौरा प्रस्तावित था। तब नगर निगम ने ऐसे 90 कार्यक्रमों की सूची मुख्यमंत्री दफ्तर भेजी थी जिनको उनके कार्यक्रम में शामिल किया जा सकता था। इसके बाद दौरा 19 सितंबर का तय हुआ तो अफसरों के बीच यह संख्या 40 तक रखने पर सहमति बनी। ये 40 कार्यक्रम कौन-कौन से होंगे? यह तीन दिन से चल रहे मंथन के बाद भी तय नहीं हो सके हैं।
कुछ काम तो चुनावी तर्ज पर रहेंगे
मुख्यमंत्री से कुछ ऐसे प्रोजेक्ट के शिलान्यास भी कराए जा सकते हैं जो फिलहाल पूरे होना संभव हों। केवल चुनावी फिजा बनाने के लिए ऐसे प्रोजेक्ट तैयार हुए हैं। नगर निगम की माली हालत भी ग्रामीण क्षेत्र के नगरीय निकायों जैसी ही है, इसलिए यहां भी बजट आड़े सकता है।
अंत्योदय की तर्ज पर होगा 19 को कार्यक्रम
मुख्यमंत्री19 सितंबर को फूलबाग में कुछ घोषणाएं भी कर सकते हैं। अफसर इस कार्यक्रम को पहले हुए अंत्योदय मेलों की तर्ज पर कराना चाह रहे हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के फूलबाग में होने वाले कार्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
विधानसभावारबन रही है सूची: नगरनिगम सीमा में तीन विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनमें 50 करोड़ से ज्यादा के लोकार्पण-शिलान्यास हो सकते हैं। ग्वालियर दक्षिण विधानसभा की तुलना में सबसे ज्यादा महत्व ग्वालियर पूर्व को दिया जा रहा है। यहां पर ज्यादा काम चुनाव से पहले की प्लानिंग हैं।