ग्वालियर| सिंधिया कन्या विद्यालय की छात्रा मानवी के प्रकरण में कलेक्टर न्यायालय में दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी। कलेक्टर ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद प्रकरण को आदेश में रख लिया है। आदेश एक दो दिन बाद जारी होगा।
सिंधिया कन्या विद्यालय प्रबंधन ने कक्षा 9वीं की छात्रा मानवी को यह कहते हुए स्कूल के हॉस्टल में रखने से इनकार कर दिया है कि वह बीमार है। इसके बाद मानवी के परिजन की शिकायत पर यह प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में दायर किया गया। मंगलवार शाम चार बजे कलेक्टर न्यायालय में पहुंचे सिंधिया कन्या विद्यालय के वकीलों ने कलेक्टर पी. नरहरि के समक्ष अपनी बात रखी।
इन्होंने कहा कि विद्यालय आवासीय है और छात्रा कक्षा 9वीं में पढ़ती है, इसलिए यह मामला अनिवार्य शिक्षा अधिनियम (आरटीई) के तहत नहीं चल सकता। छात्रा मानवी के परिजन ने कुछ तथ्य छिपाएं हैं। वहीं मानवी के वकील ने कहा कि उसे विद्यालय प्रबंधन ने किस आधार पर डिप्रेशन का रोगी बता दिया। एडमिशन के समय जिस डॉक्टर ने मानवी के स्वस्थ होने का प्रमाण-पत्र दिया था, उसी डॉक्टर की रिपोर्ट को अब विद्यालय प्रबंधन सच क्यों नहीं मान रहा?