चतुर रामालिंगम नहीं, आप रेंचो बनें
स्कूलटाइम में अक्सर बच्चे दोस्तों की देखादेखी या फिर पैरेंट्स के दबाव में कॅरियर का डिसीजन लेते हैं। इसका खामियाजा उन्हें जीवनभर भुगतना पड़ता है। जीवन में यदि काबिल बनना है, तो चतुर रामालिंगम नहीं, बल्कि रेंचो बनने की जरूरत है। फिल्म में रेंचो के किरदार में आमिर खान ने बताया है कि रट्टू तोता बनकर अपने मन की सुनें। यह बात दैनिक भास्कर के स्थानीय संपादक सुनील शुक्ला ने वीनस पब्लिक स्कूल में कही।
वे शनिवार को स्कूल में बतौर मुख्य अतिथि स्कूल मॉडल एक्जीबिशन के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह की अध्यक्षता स्कूल चेयरमैन डॉ. ओपी गुप्ता ने की। इस अवसर पर पूर्व प्राचार्य एचके वशिष्ट, डॉ. अशोक गुप्ता, आरएस जादौन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्कूल डायरेक्टर विवेक गुप्ता, स्कूल प्रिंसिपल निर्मला देवी सहित स्टूडेंट्स और पैरेंट्स मौजूद रहे।
50मॉडल किए डिस्प्ले
एक्जीबिशनमें कक्षा 6वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स द्वारा बनाए 50 मॉडल डिस्प्ले किए गए।
school event
वीनस पब्लिक स्कूल में आयोजित एक्जीबिशन में मॉडल देखते अतिथि निर्णायक।
मैथ्स मॉडल
एरिया ऑफ सॉलिड शेप: शिवानीतोमर, अर्पित गोयल, आदित्य भदौरिया, प्रवेश, अभय कुलाक्ष।
साइंसमॉडल
स्टेप फार्मिंग: अमन,अनुराग, उदित, पुनीत, निशांत।
सोशलसाइंस मॉडल
प्रांजल,प्रगति, राहुल और रिंकुल।
कम्प्यूटरसाइंस
स्कूल वेबसाइट डिजाइन: स्वप्निल,पुनीत।
आज के समय में काबिल बनने की जरूरत है। भविष्य में चुनौतियां बढ़ रही हैं, उसमें इनोवेशन की डिमांड रहेगी।
-अशोक गुप्ता, रिटायर्डप्रिंसिपल
स्टूडेंट्स की नॉलेज बढ़ाने प्रैक्टिकल वर्क जरूरी है। बच्चे किताबी ज्ञान से ज्यादा प्रैक्टिकल द्वारा अच्छी तरह से समझते और सीखते हैं।
-आरएस जादौन, रिटायर्डप्रिंसिपल
मैं लंबे समय से टीचिंग से जुड़ा हूं। लेटेस्ट टेक्नोलॉजी पर आधारित इन मॉडल में काफी इनोवेशन देखने को मिला।
-एचके वशिष्ट, रिटायर्डप्रिंसिपल