मॉडल यूनाइटेड नेशन में दिखाया टैलेंट
युद्धके दौरान सबसे ज्यादा महिलाएं और बच्चे प्रभावित होते हैं। साथ ही मानवाधिकारों का हनन होता है। इस तरह की स्थिति से बचने के लिए कुछ मूल चीजों की जरूरत है। यह बात स्काई मून में मौजूद डेलीगेट्स ने कही। सिंधिया स्कूल फोर्ट में आयोजित तीन दिवसीय मॉडल यूनाइटेड नेशन में दूसरे दिन सशस्त्र संघर्ष के दौरान मानवाधिकारों के हनन पर चर्चा की गई।
डेलीगेट्सने रखे सुझाव
अस्पतालका निर्माण हो, यूनाइटेड नेशन के मेंबर देशों में ट्रेनिंग सेंटर स्थापित हों सहित अन्य सुझाव रखे गए।
एक्जीक्यूटिव मेंबर्स में स्कूल और कॉलेज
स्काई मून के लिए एक्जीक्यूटिव मेंबर्स में दस लोगों की टीम है। इसके लिए सेकंडरी लेवल पर स्कूल स्टूडेंट्स के अलावा कॉलेज स्टूडेंट्स को चुना गया है। इसमें लेडीज श्रीराम कॉलेज दिल्ली से प्रियंका पांडे, सेंट जेवियर मुंबई से दिव्यांशु जोशी, पश्चिम बंगाल यूनिवर्सिटी नेशनल ज्युडिश्यरी साइंस से कुशाग्र बख्शी और सिंधिया फोर्ट स्कूल के आकाश, मानस पंत, रितिक मल्होत्रा, अभिजीत नागपाल, शिशिर गर्ग शामिल हैं। इसी तरह दिल्ली से स्कूल लेवल पर अभय लाल और कौस्तुभ भट्टाचार्य को एक्जीक्यूटिव मेंबर्स की टीम में शामिल किया गया है।
SCHOOL EVENT
तीन दिवसीय स्काई मून का समापन समारोह रविवार दोपहर दो बजे से होगा। इसमें सभी प्रतिभागी स्कूलों के स्टूडेंट्स और एक्जीक्यूटिव मेंबर्स शामिल होंगे। मॉडल यूनाइटेड नेशन में नेशनल और इंटरनेशनल टॉपिक पर बेहतर परफॉर्म करने वाले प्रतिभागी स्टूडेंट्स को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही ओवर आॅल चैंपियन ट्रॉफी दी जाएगी।
सिंधिया स्कूल फोर्ट में आयोजित मॉडल यूनाइटेड नेशन में अपनी बात रखते स्टूडेंट्स।