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धर्म के क्षेत्र में अधर्म की नीयत मत रखो:मुनिश्री

7 वर्ष पहले
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ग्वालियर| धर्मके क्षेत्र में अधर्म की नीयत मत रखो, जो लोग धर्म के धन को बेईमानी और चतुराई से हड़प लेते हैं वह अपने पाप की गठरी को भारी करते हैं, और कर्मों की सजा पाते हैं आज आदमी बीमारी से ठीक तो होना चाहता है, लेकिन दवा नहीं खाता। ठीक होना है तो कड़वी दवा, इंजेक्शन और जरूरत पड़े तो ऑपरेशन भी कराना पड़ता है। ऐसे ही अपने दुखों से छुटकारा पाना चाहते हो तो एक ही इलाज है पाप कर्मों पर रोक लगाओ, पुण्य कर्मों का बैलेंस बढ़ाओ। यह बात राष्ट्रसंत मुनिश्री पुलक सागर महाराज ने मंगलवार को जैन छात्रावास में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कही।

मुनिश्री से किसी ने प्रश्न किया कि यदि एक बस में 50 लोग दुर्घटना में मरते हैं तो क्या एक व्यक्ति के कर्मों की सजा सभी को मिलती है तो मुनिश्री ने कहा कि निश्चित इन 50 लोगों ने किसी जन्म में सामूहिक होकर कोई अपराध किया होगा। भगवान के चित्र का अनावरण आयोजन समिति के प्रवक्ता ललित जैन एवं नविता जैन ने किया।