बोगस फर्म की सदस्यता का मामला फिर टला
अस्तित्वहीनफर्म (बोगस) की सदस्यता समाप्त करने का मामला बुधवार को मध्यप्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की कार्यकारिणी की बैठक में एक बार फिर टाल दिया गया। बैठक में पदाधिकारियों ने आम सहमति से यह तय किया कि इस मुद्दे को विधिक सलाह के लिए रखा जाएगा। विधिक सलाह के आधार पर नया एजेंडा बनाकर आगामी बैठक में इस मामले को सुलझाने के प्रयास किए जाएंगे।
चेंबर ऑफ कॉमर्स की बैठक बुधवार को शाम साढ़े चार बजे शुरू हुई। ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि इस बैठक में अस्तित्वहीन फर्म (बोगस) की सदस्यता समाप्त करने का मामला गरमा सकता है। लेकिन कार्यकारिणी सदस्यों की उपस्थिति कम होने के कारण बैठक आधा घंटे में ही समाप्त हो गई। सूत्रों के अनुसार अस्तित्वहीन फर्म (बोगस) की स्क्रूटनी की जिम्मेदारी फरवरी 2011 में चंद्रमोहन नागौरी को सौंपी गई थी। लेकिन मानसेवी सचिव द्वारा इस संबंध में उन्हें कोई लिखित पत्र नहीं दिया गया था। बैठक में तय हुआ कि समूह के आधार पर कार्यकारिणी सदस्यों की संख्या का निर्धारण उद्योगपतियों के साथ चर्चा के बाद किया जाएगा। बैठक में चेंबर के अध्यक्ष विष्णु गर्ग, उपाध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल, संयुक्त मानसेवी सचिव डॉ. प्रकाश अग्रवाल, पूर्व पदाधिकारी अरविंद अग्रवाल, महेंद्र साहू, दिलीप पंजवानी, मनीष बांदिल, विमल जैन आदि शामिल हुए।
कार्यकारिणी की बैठक में चर्चा करते चेंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी।
चेंबर ऑफ कॉमर्स का सह भवन राजमाता को समर्पित
मप्र चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की मौजूदा कार्यकारिणी द्वारा चेंबर ऑफ कॉमर्स प्रांगण में बनवाया गया नवीन सह भवन स्वर्गीय राजमाता विजयाराजे सिंधिया को समर्पित होगा। करीब 30 लाख की लागत वाले विशाल सभागार का उद्घाटन 20 दिसंबर को गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में किया जाएगा। चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष विष्णु गर्ग ने बताया कि आठ हजार वर्ग फीट में बना नवीन सह भवन पूरी तरह एयरकूल्ड है।