ग्वालियर. ऐसे छात्र जिनकी यूजी पीजी की पढ़ाई दूसरी यूनिवर्सिटी से अधूरी रह गई है और उनकी डिग्री पूरी नहीं हो सकी है, वे अब जेयू के दूरस्थ संस्थान से आगे की पढ़ाई कर अपनी डिग्री पूरी कर सकते हैं। जेयू के इस आदेश से लगभग तीन हजार छात्रों को फायदा होगा। ऐसे छात्रों को आवेदन के लिए 19 फरवरी तक का समय दिया गया है।
बीए, बीकॉम, बीएससी दूसरे तीसरे और एमए के दूसरे वर्ष में प्रवेश के लिए जेयू के छात्रों के अलावा दूसरी यूनिवर्सिटी के छात्र भी आवेदन कर सकते हैं। ऐसे छात्र जिन्होंने प्राइवेट रेगुलर तौर पर पहले वर्ष की परीक्षा पास की है, वे भी दूरस्थ संस्थान में आवेदन कर सकते हैं। हालांकि जेयू प्रशासन ने यह शर्त भी लगाई है कि छात्रों को पांच वर्ष के अंदर यूजी तीन साल के अंदर पीजी की पढ़ाई पूरी करनी होगी। यदि पांच वर्ष से अधिक का गैप है तो छात्र आवेदन नहीं कर सकते।
प्राइवेट में सेमेस्टर सिस्टम लागू हुआ तो दूरस्थ संस्थान में बढ़ गई छात्रों की संख्या: उच्चशिक्षा विभाग की ओर से यूजी-पीजी प्राइवेट माध्यम में सेमेस्टर सिस्टम लागू किए जाने के कारण दूरस्थ माध्यम से पढ़ाई करने वाले छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसका कारण यह है कि प्राइवेट माध्यम से ऐसे छात्र भी पढ़ाई करते थे, जो नौकरी कर रहे हैं।
ऐसे छात्रों को साल में दो बार परीक्षा देने में समस्या आती थी। इस कारण छात्र अब जेयू के दूरस्थ संस्थान से बीए, बीकॉम, बीएससी एमए, एमएससी कर रहे हैं। दूरस्थ शिक्षण संस्थान के निदेशक प्रो. विवेक बापट ने बताया कि ऐसे छात्र जिन्होंने यूजी पीजी पहले वर्ष की परीक्षा दूसरी यूनिवर्सिटी से पास किया है। वह भी एडमिशन ले सकते हैं।