ऑडियंस से जोड़कर दें स्पीच
आप जिस विषय पर स्पीच दे रहें हैं उसकी नॉलेज आपके पास होना चाहिए।
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सिटी रिपोर्टर ग्वालियर
पब्लिकस्पीकिंग के समय स्पीकर को ऑडियंस का ध्यान भी ध्यान रखना चाहिए। स्पीकर को चाहिए कि वह खुद को ऑडियंस से जोड़कर रखे। यह भी जिम्मेदारी स्पीकर की है कि ऑडियंस की सोच, जरूरत और स्तर को बारीकी से समझे। आप स्टेज पर जिस सब्जेक्ट पर बोलने जा रहे हैं,उसकी पूरी नॉलेज आपको होनी चाहिए इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ग्वालियर शाखा में चल रहे पब्लिक स्पीकिंग विषय पर आयोजित सेमिनार में मंगलवार को एक्सपर्ट प्रभात चोपड़ा ने स्टूडेंट्स को यह टिप्स दिए।
उन्होंने बताया कि ऑडियंस के सामने पॉजिटिव एनर्जी रखें और अपने आत्मविश्वास से पूरे वातावरण को पॉजिटिव बना दें। सफल वक्ता बनने के लिए श्रोता को समझना बहुत जरूरी है। श्रोता को बांध कर रखना चाहिए और पूरे इंट्रेस्ट के साथ वह वक्ता की बात प्रतिक्रिया सुनें।
रोचकबनाएं विषय
कई बार विषय नीरस होता है, लेकिन श्रोताओं को जोड़ने के लिए बेहतर उदाहरण एवं चुटकुले शामिल करें।
श्रोताओं के नकारात्मक व्यवहार से क्रोधित ने हों।
किसी पर टिप्पणी करें।
बोलते समय धैर्य बनाएं रखें।
श्रोताओं पर हावी हों।
सीए सेमिनार में स्पीच और स्पीकर के बारे में जानकारी देते एक्सपर्ट।