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‘परमार्थ में स्वार्थ आया तो मेहनत व्यर्थ’

7 वर्ष पहले
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संस्थाको सुचारु रूप से संचालित करने के लिए अापसी तालमेल का होना जरूरी है। एक -दूसरे की भावनाओं का सम्मान करके संस्था में काम करते हैं तो निश्चित रूप से आपके और संस्था के उद्देश्यों को पूरा किया जा सकता है। परमार्थ के लिए किए गए कार्यों में स्वार्थ की भावना नहीं लाएं, नहीं तो आपकी मेहनत व्यर्थ है। यह विचार राष्ट्र संत मुनिश्री पुलक सागर ने रविवार को जैन छात्रावास में आयोजित पुलक जन चेतना मंच के राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। मुनिश्री के प्रवचन के उपरांत मुख्य अतिथि महापौर समीक्षा गुप्ता ने अधिवेशन का उद्घाटन किया।

भारतीय पुलक जन चेतना मंच एवं राष्ट्रीय जैन महिला जागृति मंच के अधिवेशन में 13 प्रांतों की दो सौ शाखाओं के पांच हजार सदस्यों ने भाग लिया। ध्वजारोहण सतीश अग्रवाल ने तथा दीप प्रज्वलन भोपाल के रमेश मनिया ने किया। यहां महापौर ने मंच बुलेटिन स्मारिका, पुलक वाणी का विमोचन किया। इसके अलावा राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने मंच डायरेक्टरी का विमोचन किया। अंत में मंच की अदालत का आयोजन किया गया। इसमें मंच के सदस्यों की समस्या का निराकरण किया गया।

राष्ट्र संत मुनिश्री पुलक सागर से आशीर्वाद लेने राष्ट्रीय अधिवेशन में पहुंची बाॅलीवुड अभिनेत्री राखी सावंत।

अधिवेशन में भाग लेने के लिए बॉलीवुड अभिनेत्री राखी सावंत जैन छात्रावास पहुंची। यहां उन्होंने मुनिश्री से आशीर्वाद लिया। मुनिश्री ने राखी सावंत को एक माला और एक मंत्र दिया।

इनकोकिया सम्मानित: अधिवेशनमें ललित जैन को सरस्वती अवार्ड से मुनिश्री ने सम्मानित किया। इसके अलावा मैन आॅफ मंच का स्वर्ण पदक - मनोज बन्ड नागपुर, डाॅ. सुरेश जैन सिल्वासा, माधुरी जैन फरीदाबाद, हेमंत सेठ बांसवाड़ा, प्रदीप बडज़ात्या इन्दौर को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया