पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • त्योहार की भीड़ में कम पड़ेगी पार्किंग की जगह

त्योहार की भीड़ में कम पड़ेगी पार्किंग की जगह

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
टाउन हॉल के पास पार्किंग की व्यवस्था कराई जाएगी

महाराज बाड़ा, दौलतगंज सराफा क्षेत्र के व्यापारी चिंतित, प्रशासन ने नहीं किए इंतजाम

त्योहारकी शुरुआत के साथ ही शहर के बाजारों में खरीदारों की भीड़ पहुंचने लगी है। खरीदार कहां वाहन खड़े करेंगे और दुकान तक कैसे पहुंचेंगे? यह व्यापारियों की चिंता का विषय बन रहा है। पिछले एक दशक से हर साल त्योहारी सीजन में इस चिंता से कारोबारी परेशान रहते हैं, पुलिस और प्रशासन तक अपनी समस्या पहुंचाते हैं, बंद कमरे में इस पर चर्चा होती है और स्थायी निदान की योजना भी बनाई जाती है लेकिन स्थायी निदान अब तक नहीं हो पाया है।

शहर में महाराज बाड़ा, दौलतगंज और सराफा बाजार में सबसे ज्यादा भीड़ त्योहार के दिनों में रहती है। शाम के समय यहां पहुंचने वाले लोगों को पूरे बाजार में वाहन खड़ा करने की जगह नहीं मिलती। इन बाजारों में त्योहार से जुड़ी हर वस्तु मिलती है इसलिए यहां पर खरीदार ज्यादा संख्या में पहुंचते हैं। यहां पर पार्किंग व्यवस्थित होने की वजह से आसपास के बाजारों में भी असर पड़ता है और त्योहार के दिनों के व्यस्ततम समय में इन बाजारों में भी ट्रैफिक जाम हो जाता है।

Áसमस्या :त्योहारपर बर्तन, सराफा और इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारियों के यहां पर ग्राहकों की भीड़ रहती है। सड़क किनारे पार्किंग है लेकिन कुछ दुकानदार स्थायी तौर पर यहां वाहन खड़े कर देते हैंै।

Áप्रयास:यहांबड़ी इमारतों के तलघर में पार्किंग बनाए जाने की बात चार साल पहले प्रशासनिक स्तर पर की गई थी। लेकिन यह कागजों तक ही सीमित रही। यहां सिर्फ कोठारी कॉम्पलेक्स के तलघर को पार्किंग के रूप में उपयोग किया गया।

Áसमाधान:पार्किंगमें स्थायी रूप से रखे जाने वाले वाहनों को हटाने और तलघराें में पार्किंग किए जाने से इस समस्या का समाधान संभव है। सड़क किनारे खड़े ठेलों को हटाकर पार्किंग बनाई जा सकती है।

Áसमस्या :दौलतगंजभी त्योहार पर खरीदारों से भरा रहता है। इस बाजार में सड़क किनारे कहीं-कहीं पार्किंग बनाई गई है लेकिन वह बाजार में आने वाली भीड़ के हिसाब से अपर्याप्त है।

Áप्रयास:यहांपर सूर्यनारायण मंदिर के पास खाली जमीन पर मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। पहले यह प्रस्ताव शासन की स्वीकृति के लिए रुका रहा। बाद में निगम ने अपने स्तर पर पार्किंग बनाने का निर्णय लिया, लेकिन काम