ग्वालियर. किला तलहटी से अवैध निर्माण हटाने संबंधी कार्रवाई की पूर्ण स्टेटस रिपोर्ट शासन दस अक्टूबर को कोर्ट में पेश करे। यह आदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने सोमवार को दिया। वहीं कोर्ट ने एएसआई के अधिकारियों के खिलाफ दायर परिवाद पर जेएमएफसी कोर्ट की कार्रवाई को स्टे कर दिया।
जस्टिस एसके गंगेले जस्टिस एसके पालो की डिवीजन बेंच में किला तलहटी से अवैध निर्माण हटाने संबंधी याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट में शासन की ओर से अधिवक्ता राघवेंद्र दीक्षित ने तर्क रखा कि अतिक्रमणकारियों को चिन्हित करने का काम किया जा रहा है।
वहीं कई अतिक्रमणकारियों को नोटिस भेज दिए गए हैं। शासन की ओर से दो नोटिस कोर्ट में भी पेश किए गए। कोर्ट ने अवैध निर्माण हटाने संबंधी कार्रवाई की पूर्ण स्टेटस रिपोर्ट दस अक्टूबर को पेश करने के निर्देश दिए। कोर्ट में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अधिवक्ता संगम जैन ने तर्क रखा कि एएसआई के अधिकारियों के खिलाफ जेएमएफसी कोर्ट ने एक परिवाद पर मामला दर्ज किया है।
उक्त परिवाद हमारी अतिक्रमण की कार्रवाई से असंतुष्ट होकर झूठा दायर किया गया। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद उक्त परिवाद पत्र पर जेएमएफसी कोर्ट की कार्रवाई को स्टे कर दिया। उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ता माताप्रसाद ने हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में एक जनहित याचिका दायर की थी।