स्मार्ट प्लानिग से बनेगी स्मार्ट सिटी
डेयरियां हटें, बेहतर हो सीवेज-ड्रेनेज सिस्टम
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भैंसडेयरियां और आवारा जानवर जब तक शहर से बाहर नहीं होंगे तब तक सफाई की बात करना बेमानी है। डेयरी संचालक सीवर लाइनों में गोबर बहा रहे हैं। इससे लाइनें चोक हैं। नतीजा, तमाम क्षेत्रों में गंदे पानी की सप्लाई की शिकायत सामने रही हैं। इसके अलावा सीवेज और ड्रेनेज सिस्टम पर नए सिरे से काम करने की जरूरत है। पुरानी व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। नए आवासीय व्यावसायिक क्षेत्रों का विस्तार हो रहा है। ऐसे में सीवेज और ड्रेनेज की समस्या दिन-ब-दिन गहराती जा रही है। इसके अलावा निगम अपने मूल काम सफाई पर खास ध्यान दे। यह सुझाव रविवार को मंगलम गार्डन गांधी रोड पर दैनिक भास्कर के स्मार्ट वार्ड, स्मार्ट सिटी अभियान के तहत आयोजित रूबरू कार्यक्रम में वार्ड 21, 22, 23, 24, 28, 29 और 30 के निवासियों ने दिए।
निष्कर्ष
लोक निर्माण विभाग द्वारा यूनिवर्सिटी रोड का निर्माण शीघ्रता से कराया जाए। सड़कों के निर्माण से पहले जलनिकासी की व्यवस्था की जाए ताकि सड़कें लंबे समय तक चल सकें। जिन क्षेत्रों में नियमित सफाई की व्यवस्था नहीं है, वहां से भी कचरा उठाने की व्यवस्था नियमित कराएं।
नगर निगम जल्द ही शहर के सभी वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था शुरू करने जा रहा है। लेकिन सफाई बनाए रखने में आप सबका सहयोग जरूरी है। जैसे आप अपने घर की सफाई को लेकर चिंतित रहते हैं, वैसे ही आपको अपने मोहल्ले, वार्ड और शहर की सफाई को लेकर जागरूक होना पड़ेगा। दो अक्टूबर को सफाई अभियान चलाया जाएगा। यह बात महापौर समीक्षा गुप्ता ने कही। महापौर ने कहा कि भैंस डेयरियों की शहर से बाहर करने का काम जल्द कराया जाएगा, लेकिन इसके लिए पशु पालक परिवारों को ग्वाला नगर बसाकर कुछ सुविधाएं भी देना होंगी। तब तक आवारा पशुओं को पकड़ने और गंदगी करने वाले डेयरी संचालकों पर कार्रवाई का काम जारी रहेगा।
18-बी गांधी रोड, मंगलम गार्डन में आयोजित रूबरू कार्यक्रम में शहर के विकास को लेकर सुझाव देते जागरूक नागरिक।
लाइन डाली, सड़क नहीं बनाई
^ निगम ने पंचशील नगर में ड्रेनेज की लाइन डालने का काम किया था। एक साल बीत जाने के बाद भी सड़क नहीं बनाई गई।\\\'\\\' एलएनगुप्ता
21
वार्ड
सफाईकर्मी रोज नहीं आते
^ त्रिमूर्ति नगर, इंद्रमणि नगर पंचशील नगर फॉर्म-4 होने के बाद भी मूलभूत सुव