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बांसुरी और गायन में सिर्फ घरानेदार रहीं बंदिश
पंडितकृष्णराव शंकर पंडित संगीत समारोह के दूसरे दिन रविवार की संगीत सभा की शुरुआत पारुल बांदिल ने बड़ा खयाल विलंबित लय से की। उन्होंने राग मधुवंती में काहे बरजोरी... पेश किया। कला वीथिका में हुई संगीत सभा में मुख्य अतिथि म्यूजिक एंड आर्ट यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रो. स्वतंत्र शर्मा मौजूद रहीं। कार्यक्रम में पंडित एलके पंडित और मीता पंडित सहित संगीत श्रोता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अशोक आनंद ने किया।
प्रस्तुति: दिल्लीके बांसुरी वादक अजय प्रसन्ना ने राग चंद्रकोष से वादन शुरू किया। इसके बाद अलाप, द्रुत लय, मध्यलय तीन ताल में पेश की। बांसुरी में याद पिया की आई.... धुन पेश की।
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मेडिटेशन का माध्यम बांसुरी- अजयप्रसन्ना ने कहा कि क्लासिकल के लिए बड़ी बांसुरी इस्तेमाल होता है। साथ ही मेडिटेशन में यूज होता है। लाइट म्युजिक के लिए छोटी बांसुरी का इस्तेमाल करते हैं।
बांसुरी वादन की प्रस्तुति देते दिल्ली के अजय प्रसन्ना।
गायकी की प्रस्तुति देतीं जयतीर्थ मेवुण्डी
हुबली की गायिका जयतीर्थ ने विलंबित एक ताल में राग पूरिया कल्याण में आज सुबन लाड़ लडावन से गायकी की शुरुआत की। इसके बाद तीन ताल में बहुत दिन बीत... पेश किया। लता मंगेशकर का जन्म दिवस पर बाजे रे मुरलिया...भजन से गायकी को विराम दिया।