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15 मार्च तक काम पूरा नहीं तो दें स्टेटस रिपोर्ट: शाही

6 वर्ष पहले
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पहले खुद लिया फर्जी प्रवेश फिर करने लगा दलाली

स्पेशलइन्वेस्टिगेशन टीम ने पीएमटी फर्जीवाड़ा रैकेट के एक एजेंट रामलाल जाटव को गिरफ्तार किया है। इसने खुद फर्जी तरीके से भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया और इसके बाद फर्जी प्रवेश दिलाने की दलाली करने लगा। इसने गजराराजा मेडिकल कॉलेज में छात्र प्रताप चौधरी काे सॉल्वर बैठाकर प्रवेश दिलाया था। गिरफ्तारी के बाद प्रताप ने रामलाल के नाम का खुलासा किया था। तभी से पुलिस इसे तलाश रही थी। इस पर पांच हजार रुपए का इनाम भी घोषित था।

सीएसपी आकाश भूरिया ने बताया कि 2010 बैच के फर्जी छात्र प्रताप चौधरी ने बताया था कि गांधी मेडिकल कॉलेज के 2009 बैच का छात्र रामलाल जाटव निवासी मुरैना उसके लिए सॉल्वर लाया था। तलाशी के दौरान पुलिस को पता चला कि रामलाल ने खुद भी फर्जी तरीके से प्रवेश लिया था। भोपाल पुलिस उसे पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी। जमानत पर छूटने के बाद इसे जैसे ही पता चला कि ग्वालियर पुलिस भी इसे तलाश रही है तो यह फरार हो गया।

प्रताप चौधरी का फर्जी प्रवेश कराने में मिले 20 हजार रुपए

सीएसपीआकाश भूरिया ने बताया कि रामलाल गांधी मेडिकल कॉलेज का 2009 बैच का फर्जी छात्र रहा है। इसने फर्जीवाड़ा रैकेट सरगना विंध्यवासिनी के जरिए फर्जी तरीके से प्रवेश लिया था। प्रताप चौधरी का प्रवेश दिलाने में उसे 20 हजार रुपए मिले थे। दस हजार रुपए प्रताप और दस हजार सॉल्वर ने कमीशन के दिए थे।

बेटेका फर्जी तरीके से एडमिशन कराने वाला शिक्षक गिरफ्तार

पुलिसने गजराराजा मेडिकल कॉलेज के 2010 बैच के फर्जी छात्र आशीष प्रजापति के पिता को गिरफ्तार किया है। आशीष के पिता रामबाबू प्रजापति जालौन में शिक्षक हैं। इन्होंने अपने बेटे के फर्जी तरीके से मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए दो लाख रुपए दिए थे। रामबाबू ने पुलिस को बताया कि उसने कुछ अपनी बचत में से और कुछ रुपए उधार लेकर इकट्ठे किए थे।

ग्वालियर| पीएमटीफर्जीवाड़े में अभी लगभग एक सैकड़ा आरोपियों की गिरफ्तारी होनी है। 15 मार्च तक गिरफ्तारियां करना मुश्किल है। भोपाल में एसआईटी की बैठक में एडीजी एसटीएफ सुधीर शाही के सामने जब यह बात रखी गई तो उन्होंने कहा कि ग्वालियर में अच्छा काम हुआ है लेकिन हर हाल में 15 मार्च तक काम पूरा करने की कोशिश करें फिर भी सारे आरोपी नहीं पकड़े जाते हैं तो स्टेटस रिपोर्ट पेश करें। बैठक में ग्वालियर के एसआईटी प्रभारी वीरेंद्र जैन मौजूद थे।

फर्जीवाड़े में मासिक समीक्षा और आगे की योजना के लिए यह बैठक एसटीएफ एडीजी सुधीर शाही ने बुलाई थी। यहां एएसपी वीरेंद्र जैन ने कहा कि अभी तक तीन सौ से ज्यादा अारोपियों को गिरफ्तार किया गया है लेकिन 15 मार्च तक सभी को गिरफ्तार करना और दस्तावेज एकत्र करना मुश्किल है। पीएमटी का सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा ग्वालियर में ही हुआ है इसलिए काम ज्यादा है। एक दलाल या सॉल्वर को पकड़ने पर कई और नाम सामने जाते हैं और काम बढ़ जाता है।