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माधव अंधाश्रम को पूर्ण शासकीय किया जाए

7 वर्ष पहले
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माधव अंधाश्रम को पूर्ण रूप से शासकीय किया जाए। साथ ही हमारा मानदेय तुरंत बढ़ाया जाए। यह गुहार नेत्रहीन छात्रों ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश कमल सिंह के सामने लगाई। हाईकोर्ट के निर्देश पर जिला न्यायाधीश श्री सिंह शनिवार को माधव अंधाश्रम का निरीक्षण करने गए थे।

हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक जनहित याचिका का निराकरण करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश को प्रत्येक छह माह में माधव अंधाश्रम के निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। उक्त आदेश के अनुपालन में शनिवार को श्री सिंह ने माधव अंधाश्रम का निरीक्षण किया। उन्होंने आश्रम में गाजर घास की सफाई नहीं करने पर नाराजगी जताई। वहीं आश्रम की अव्यवस्थाओं को लेकर प्रशासक से बात की। साथ ही व्यवस्था सुधारने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। जिला न्यायाधीश कमल सिंह निरीक्षण की रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपेंगे।

छात्रोंको मिलता है सिर्फ एक हजार रुपए मानदेय: माधवअंधाश्रम में 70 छात्र हैं। इन्हें सामाजिक कल्याण विभाग की ओर से प्रत्येक माह एक हजार रुपए का मानदेय दिया जाता है। छात्रों ने मानदेय बढ़ाने केयर टेकर की नियुक्ति की मांग की। साथ ही आश्रम को 12वीं क्लास तक बढ़ाने स्पेशल बीएड शिक्षकों की नियुक्ति करने की बात भी कही।

बालसभा का आयोजन: माधवअंधाश्रम में शनिवार को बाल सभा का आयोजन किया गया। इसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश कमल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार राकेश पाठक समाजसेवी संजीव निगोतिया शामिल हुए।