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नियत प्रभार और ऊर्जा शुल्क लेना गैरकानूनी: गोयल

7 वर्ष पहले
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ग्वालियर| राज्यसरकार नियत प्रभार और ऊर्जा शुल्क लगाकर घरेलू उपभोक्ताओं के साथ अन्याय कर रही है। ये कर पूरी तरह से गैरकानूनी हैं। वहीं औद्योगिक उपभोक्ताओं को इन करों में छूट देकर घरेलू उपभोक्ताओं के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। यह बात मप्र कांग्रेस कमेटी के सदस्य मुन्नालाल गोयल ने गुरुवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कही।

श्री गोयल ने कहा कि सरकार हर माह चार सौ से पांच सौ मेगावाट बिजली अन्य राज्यों को बेच रही है। जब सरकार किसी से बिजली खरीद ही नहीं रही तो नियत प्रभार और ऊर्जा शुल्क लगाने का औचित्य ही नहीं बनता। इन शुल्कों के चलते उपभोक्ताओं से बिजली कंपनी हर माह लगभग 15 करोड़ रुपए वसूल रही है। श्री गोयल ने कहा कि बिजली कंपनी द्वारा खरीदे गए नकली मीटर, नकली ट्रांसफार्मर और खराब केबल की शिकायत उन्होंने लोकायुक्त से की है। इस मामले में करोड़ों रुपए का घोटाला किया गया है, जिसमें सरकार के मंत्री, बिजली कंपनी के अधिकारी और ठेकेदार शामिल हैं।