मिट्टी और लेंटाना से बनाया इत्र
वन विभाग खंडवा के वैज्ञानिकों की कोशिश सालों बाद रंग लाई है। वन विभाग के वैज्ञानिक हेमंत पांडे ने लगातार शोध कर मिट्टी से इत्र बनाने की विधि खोज निकाली है। इतना ही नहीं इन्होंने लेंटाना जैसे खरपतवारी पौधे से भी इत्र तैयार कर लिया है। विभाग जल्द ही मिट्टी और लेंटाना पौधे से तैयार इत्र मार्केट में उतारेगा। इसके अलावा वन विभाग के वैज्ञानिक अन्य उपयोगी प्रयोग भी कर रहे हैं।
वन विभाग में जल्द शुरू होगा एमबीए: ग्वालियर में एमबीए (मेडिसन, बेम्बू, ऐरोमेटिक) नाम का प्रोजेक्ट जल्द शुरू किया जाएगा। वन विभाग जंगलों में औषधीय, बांस और सुगंधित पौधों को लगाएगा। विक्की फैक्ट्री के पास स्थित वन विभाग की डिपो में खाली पड़े भवन में एमबीए के लिए प्लांट लगाया जाएगा।
बेरोजगारों को मिलेगा रोजगार : एमबीए प्लांट मई तक बनाने के निर्देश दिए गए हैं। प्लांट में औषधीय, बांस और सुगंधित पौधे से विभिन्न उत्पाद बनाए जाएंगे। इसको लेकर मशीनें वन विभाग लगाकर देगा। साथ ही यहां वन विभाग के कर्मचारियों के बेरोजगार बच्चों को रोजगार दिया जाएगा। साथ ही उत्पाद की मार्केटिंग और बेचने का काम भी वन विभाग करेगा।
क्या है लेंटाना
लेंटानाका पौधा गाजर घास की तरह ही एक खरपतवार है। इसके पौधे और पत्तियों को जानवर नहीं खाते। लेंटाना के अनुपयोगी पौधे से भी इत्र बना लिया गया है।
मई से पहले शुरू होगा एमबीए प्रोजेक्ट
^खंडवावन विभाग के वैज्ञानिकों ने मिट्टी और लिंटाना के पौधे से इत्र तैयार कर लिया है। साथ ही एमबीए नाम का प्रोजेक्ट मई से पहले ग्वालियर में शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों को 15 दिन में भवन की डिजाइन तैयार कर भेजने को कहा है। यहां पर बेरोजगारों के रहने और खाने की व्यवस्था वन विभाग करेगा। -अनिलओबराय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, भोपाल