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डीएसपी की बेटी का 6 लाख रुपए में कराया था सेलेक्शन
लेडी सॉल्वर तक पहुंची पुलिस, जल्द होगी पुष्टि
क्राइमरिपोर्टर | ग्वालियर
डीएसपी महीपाल सिंह की बेटी मोनिका के लिए लेडी सॉल्वर लाने वाले आगरा के डॉ. विजय सक्सेना को एसआईटी ने गिरफ्तार किया है। डॉक्टर ने बनारस मेडिकल कॉलेज की छात्रा को सॉल्वर बनाया था और इसके एवज में डीएसपी से साढ़े छह लाख रुपए लिए थे। सॉल्वर का नाम उजागर होने के बाद पुलिस अब लेडी सॉल्वर की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। सूत्रों का कहना है कि लेडी सॉल्वर तक पुलिस पहुंच गई है। जल्द ही इसकी अाधिकारिक पुष्टि की जाएगी।
प्रियंका का नाम आते ही दर्ज की एफआईआर
डॉ.विजय सक्सेना ने जैसे ही बताया कि उसने प्रियंका के लिए भी सॉल्वर का इंतजाम किया था, पुलिस अफसरों ने प्रियंका के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दे दिए। शनिवार रात में ही प्रियंका के खिलाफ धोखाधड़ी और परीक्षा अधिनियम के तहत मामला झांसी रोड थाने में दर्ज कर लिया गया।
एआईजी बोले- नई एफआईआर दर्ज करें
पीएमटीफर्जीवाड़े की जांच के सिलसिले में एसटीएफ के एआईजी राजेश सिंह चंदेल ने शनिवार को एसआईटी के अफसरों की बैठक ली। सुबह से शाम तक चली बैठक में श्री चंदेल ने अब तक के मामलों की विवेचना की और निर्देश दिए कि अब जो भी नए नाम फर्जीवाड़े में सामने आएं, उनके खिलाफ नई एफआईआर दर्ज करें। अब तक पुरानी एफआईआर की विवेचना में ही नए आरोपियों के नाम बढ़ाए जा रहे थे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मोनिका और प्रियंका की सॉल्वर को भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाए। मोनिका सुप्रीम कोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक का आदेश ले आई है और पुलिस को इस आदेश को निरस्त कराना है।
गिरफ्तार छात्र शैलेंद्र ने दिया था डॉ. विजय का सुराग
पुलिसने कुछ समय पहले गजराराजा मेडिकल कॉलेज के छात्र शैलेंद्र निरंजन को गिरफ्तार किया था, इसने पूछताछ के दौरान बताया कि आगरा मेडिकल कॉलेज के 2008 बैच के छात्र विजय सक्सेना के जरिए डीएसपी महीपाल यादव की बेटी मोनिका के लिए सॉल्वर का इंतजाम किया था। इसके बाद से ही पुलिस विजय सक्सेना को तलाश रही थी। शनिवार को विजय पुलिस के हाथ गया। पूछताछ के दौरान विजय सक्सेना ने बताया कि उसने शैलेंद्र निरंजन से साढ़े छह लाख रुपए सॉल्वर का इंतजाम करने के लिए थे। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के तहत संचालित मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाली अपनी दोस्त स्वाति से उसने इस बारे में बात की तो वह दोस्ती की खातिर इसके लिए राजी हो गई। इसके बाद वह 2009 में मोनिका की जगह पेपर देने के लिए उसे लाया और 2010 में प्रियंका श्रीवास्तव के स्थान पर भी यही परीक्षा में बैठी थी। प्रियंका के लिए सॉल्वर का इंतजाम करने के लिए भी उसे साढ़े छह लाख रुपए मिले थे। प्रियंका पीएमटी फर्जीवाड़े के मास्टर माइंड रहे डॉक्टर विशाल यादव की प|ी है। पिछले काफी समय से इसके बारे में पता चल रहा था कि इसका प्रवेश भी फर्जी तरीके से कराया गया है लेकिन पक्का सबूत नहीं मिल रहा था। डॉ. विजय फर्रुखाबाद का रहने वाला है।
आरोपी डॉ. विजय सक्सेना