ग्वालियर. ये कैसी मीठी बूंदी बना रखी है, पत्थर जैसी हो गई है। क्या ग्राहकों को ऐसी मिठाई खिलाते हो। निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुभाष गुप्ता ने यह सवाल शनिवार को दानाओली में मिठाई की दुकान पर दुकानदार से किया।
दुकानदार बोला- \\"साहब, सुबह ही इसे डालडा घी में बनाया है। ठंड की वजह से घी जम गया है। आप इसे खाकर देखो। मालूम पड़ जाएगा।\\' स्वास्थ्य अधिकारी ने बूंदी फिंकवाने के आदेश दिए।
स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गुप्ता टीम के साथ दानाओली स्थित श्रीजी फैनी एवं घेवर प्रतिष्ठान पर पहुंचे। यहां थाल में उड़द दाल से बनी मीठी बूंदी रखी थी। स्वास्थ्य अधिकारी ने बूंदी उंगलियों से दबाई, तो यह पत्थर जैसी टाइट थी। उन्होंने पूछा- कितने दिन पहले यह बूंदी बनाई है। दुकान संचालक ने कहा कि साहब, सुबह ही बनाई है।
इतना ही नहीं दुकानदार ने मिठाई खुले में रखी थी। कार्रवाई होती देख बगल के ओमजी फैनी के संचालक ने अपने काउंटर पर रखे बूंदी के थाल अंदर रख लिए। पदमचंद्र जैन की मिठाई की दुकान के बाहर नाली में सफाई नहीं होने से गंदगी जमा थी। दोनों दुकानदारों पर जुर्माना लगाया गया।
नहींमिले फायर उपकरण: दानाओलीस्थित न्यू बंसल पेठा भंडार के गोदाम में बड़ी मात्रा में पैठा तैयार हो रहा था। जांच करने पहुंची टीम को सफाई व्यवस्था ठीक मिली। लेकिन अग्निशमन यंत्र नहीं था। गोदाम में बड़े-बड़े चूल्हे थे। डॉ. गुप्ता ने दुकान संचालक को अग्निशमन यंत्र लगाने के निर्देश दिए।
साहब, हम पेठा फल के गले हुए हिस्से को अलग कर देते हैं
दानाओलीमें जैन पेठा भंडार पर डॉ. गुप्ता टीम के साथ पहुंचे। दुकान के बगल में पैठा बनाने का कारखाना है। इसमें पेठा फल रखे थे। डॉ. गुप्ता ने दुकानदार से कहा- पेठा फल गला दिख रहा है। इसे काटकर दिखाओ। जैसे ही उसने चाकू से फल काटा तो उसका एक हिस्सा गला निकला। दुकानदार ने कहा कि साहब, हम गले हुए हिस्से को अलग कर देते है।