- Hindi News
- कानपुर से सॉल्वर लाने वाला वेटरनरी डॉक्टर गिरफ्तार
कानपुर से सॉल्वर लाने वाला वेटरनरी डॉक्टर गिरफ्तार
पीएमटी फर्जीवाड़े में आरोपियों की फेहरिस्त खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। पुलिस ने सॉल्वरों का इंतजाम करने वाले एक और वेटरनरी डॉ. अभिषेक सचान को गिरफ्तार किया है। कानपुर में रहने वाले इस डॉक्टर पर तीन हजार रुपए का इनाम था। यह कानपुर से सॉल्वर लाने वाले रैकेट की महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे पूछताछ की जा रही है ताकि और सॉल्वर के बारे में जानकारियां मिल सकें। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम अब तक सॉल्वर की तलाश में पिछड़ी हुई है।
एसआईटी ने कुछ समय पहले गजराराजा मेडिकल कॉलेज के वर्ष 2009 के छात्र मेर सिंह को गिरफ्तार किया था। मेर सिंह ने बताया था कि उसके लिए सॉल्वर का इंतजाम कानपुर में रहने वाले वेटरनरी डॉ. अभिषेक सचान ने किया था। अभिषेक ने इसके बदले में मेर सिंह से ढाई लाख रुपए लिए थे। इसके बाद से पुलिस अभिषेक को तलाश कर रही थी। एसआईटी शुक्रवार को कानपुर में दबिश देने पहुंची तो यहां अभिषेक पकड़ा गया। इससे पहले पुलिस ने एक ही सॉल्वर अभिनव सिंह को गिरफ्तार किया था। पुलिस अफसरों का अनुमान है कि अब तक लगभग 200 सॉल्वर प्रदेशभर में फर्जी तरीके से परीक्षा दे चुके हैं।
{पुलिस अफसरों का अनुमान है कि अब तक लगभग 200 सॉल्वर प्रदेश भर में फर्जी तरीके से परीक्षा दे चुके हैं।
डॉ. अभिषेक सचान
जबलपुर में हुआ सॉल्वर गिरोह से संपर्क
अभिषेक ने बताया कि उसने वर्ष 2004 में जबलपुर वेटरनरी कॉलेज ज्वाइन किया था। वहां उसे पता चला कि कानपुर के कई छात्र पीएमटी में फर्जी परीक्षार्थी के रूप में बैठते हैं। इसके बाद उसका संपर्क उस रैकेट से हो गया, जिसे हमेशा सॉल्वर की तलाश रहती थी। इसके बाद अभिषेक कानपुर से सॉल्वर लाकर एमपी के रैकेट तक पहुंचाने लगा। मेर सिंह के लिए सॉल्वर का इंतजाम कराने में भी उसने 50 हजार रुपए कमाए थे। एएसपी वीरेंद्र जैन का कहना है कि अभिषेक से कुछ सॉल्वर के बारे में पता चला है। इसके द्वारा दी गई जानकारी की तस्दीक की जा रही है। इस जानकारी के आधार पर कुछ और सॉल्वर हाथ सकते हैं।