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किला स्थित गुरुद्वारा दाताबंदी छोड़ समारोह शुरू
अखंड पाठ साहिब के साथ सजेगा कीर्तन दरबार, रागी जत्थे आएंगे
दाताबंदीछोड़ दिवस समारोह अखंड पाठ साहिब के साथ सोमवार को ग्वालियर दुर्ग स्थित गुरुद्वारा में प्रारंभ हो गया। इस मौके पर सिख समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे।
तीन दिवसीय समारोह के पहले दिन सोमवार को अरदास के बाद अखंड पाठ साहिब प्रारंभ हुआ। इसका भोग चार अक्टूबर को लगेगा। इस मौके पर गुरुद्वारा दाताबंदी छोड़ के सेवादार पद्मश्री बाबा सेवा सिंह, बाबा प्रीतम सिंह, गुरुद्वारा फूलबाग के अध्यक्ष सरदार गुरुचरण सिंह, सचिव सरदार सतवंत सिंह, निर्मल सिंह के साथ सिख संगत मौजूद थी। संवाददाताओं से चर्चा करते हुए पद्मश्री बाबा सेवा सिंह, बाबा लक्खा सिंह ने बताया कि सिखों के छठवें गुरु हरगोबिंद साहिब को मुगल बादशाह जहांगीर ने ग्वालियर दुर्ग पर कैद कर रखा था। जहांगीर ने गुरु हरगोबिंद सिंह के साथ 52 राजाओं को अमावस्या के दिन ससम्मान रिहा किया था। तभी से सिख समाज इस दिन को उत्सव के रूप में मनाता है।
तीन दिवसीय इस कार्यक्रम के दौरान गुरुवाणी, कीर्तन, कथा, व्याख्यान होंगे। मंगलवार को शाम सात बजे कीर्तन दरबार एवं अमृत संचार का कार्यक्रम होगा। कीर्तन दरबार में श्री हरमंदर साहिब अमृतसर के हजूरी रागी भाई इन्दरजीत सिंह, भाई कुलवंत सिंह, ढाढी जत्था केवल सिंह कोमल के साथ स्थानीय संगत गुरु की महिमा का बखान करेगी। समारोह में करीब 50 हजार श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। रात नौ बजे केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, सांसद अनूप मिश्रा गुरुद्वारे मत्था टेकने आएंगे।
श्रद्धालुओं को लाने के लिए 25 वाहन
>गुरुद्वारेमें बीस हजार लोगों के ठहरने के इंतजाम हैं। पंडाल और अन्य गुरुद्वारों में भी रुकने की व्यवस्था की गई। > बडे़ लंगर हॉल में एक बार एक हजार श्रद्धालु कर सकते हैं भोजन। स्थानीय संगत के साथ दिल्ली और पंजाब की संगत लगाएंगी लंगर।