गुफाओं से दिखेगा बावड़ी का नजारा
गूजरीमहल के ऊपर पांच सौ सालों से अधिक पुरानी प्राचीन गुफाओं से जल्द बावड़ी का भी नजारा दिखेगा। प्राचीन गुफाओं के नजदीक ही प्राचीन बावड़ी को सहेजने का प्लान राज्य पुरातत्व एवं अभिलेखागार संग्रहालय ने बनाया है। इस बावड़ी को अपने पहले जैसे स्वरूप में लाने के लिए पहले साफ सफाई और फिर रेनोवेशन का काम किया जाएगा। रेनोवेशन के लिए बाहर से एक्सपर्ट की टीम आएगी।
राज्य पुरातत्व एवं अभिलेखागार संग्रहालय ने हाल ही में गूजरी महल के ऊपर प्राचीन गुफाओं को पर्यटकों के लिए खोल दिया है। यह पांच से अधिक गुफाएं हैं किले की तलहटी में आसपास ही अवस्थित हैं। इन गुफाओं में पहुंचकर पास ही देखने से बावड़ी का सुंदर स्वरूप देखने को मिलेगा। इन गुफाओं को तैयार करने के लिए तलहटी से पत्थरों को हटाया गया है और गूजरी महल से रास्ता भी बनाया गया है। प्राचीन गुफाओं का रिस्पांस मिलने के बाद स्टेट एएसआई ने लंबे समय से बंद पड़ी बावड़ी को भी सहेजने का निर्णय लिया है।
लौटाएंगे बावड़ी का स्वरूप
प्राचीन गुफाओं के पास ही काफी साल पुरानी बावड़ी का रेनोवेशन किया जाएगा। गुफाओं को देखने आने वाले पर्यटकों को बावड़ी का भी नजारा दिखेगा। बावड़ी के रेनोवेशन का एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। बावड़ी खोले जाने के बाद पर्यटकों का भी रिस्पांस बढ़ेगा।
-एसआरवर्मा, उपसंचालक,राज्यपुरातत्व एवं अभिलेखागार संग्रहालय
fort renovation