सिटी में पॉपुलर हो रहा इंडियन फेंगशुई
परिवारकी खुशी और स्वस्थ जीवन के लिए लोग काफी समय से अपने घर में पूजा-पाठ कराते रहे हैं। बदलते वक्त के साथ वास्तुदोष काे दूर करने के लिए लोग अब चाइनीज फेंगशुई के साथ इंडियन फेंगशुई पर भरोसा कर रहे हैं। शुरुआत में चाइनीज फेंगशुई जैसे लाफिंग बुद्धा, बैम्बू ट्री आदि को प्रिफर किया जाता था, लेकिन अब सिटी में इंडियन फेंगशुई भी पॉपुलर हो रहा है।
भारतसे हुई थी शुरुआत
फेंगशुईका कॉन्सेप्ट चीन से आया था, लेकिन इसकी शुरुआत बुद्धिज्म से हुई है। फेंगशुई पंच तत्वों से बना वास्तु है।ये पंचतत्व एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं। लोगों का मानना है कि फेंगशुई को घर में रखने से पॉजिटिव एनर्जी मिलती है। साथ ही लाइफ में सुख, शांति, स्थिरता और सफलता मिलती है।
येहै इंडियन फेंगशुई
इंडियनफेंगशुई वह वास्तु है, जो हमारे शास्त्रों और संस्कृति में मौजूद है। इनमें गणेश की मूर्ति, उरली, कछुआ, बुद्धा, कामधेनु, शंख, चक्र, पद्म प्रमुख हैं।
इसलिए लोग रखते हैं फेंगशुई
वास्तु विशेषज्ञ ने बताया कि फेंगशुई को सही दिशा में रखने से सुख, शांति और समृद्धि आती है। घर की उत्तर-पूर्व दिशा को सबसे अच्छा माना जाता है। फेंगशु को इस दिशा में स्थापित करने पर ज्यादा लाभ मिलता है।
{कामधेनु: इसे विश काऊ भी कहते हैं। इसे घर में रखने से इच्छाएं पूरी होती हैं और ऐश्वर्य आता है।
{कछुआ: कछुए को सक्सेस का प्रतीक माना जाता है। इसे स्थिरता, धन और लंबी आयु के लिए रखा जाता है।
{उरली: ये फेंगशुई ओडिशा में प्रचलित है। यह खास तरह की लकड़ी का टब है, जिसमें पानी और फूल डालकर घर के बाहर रखते हैं।
एेटहॉर्सेज: इसमेंदौड़ने वाली मुद्रा में आठ घोड़े होते हैं, जो एचीवमेंट के प्रतीक हैं।
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