कुंज विहार इलाके में रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर भूपेंद्र सिंह कराना के घर से तीन महीने पहले चोर 85 लाख रुपए नगद और सोने-चांदी के जेवर सहित एक करोड़ का सामान पार कर ले गए थे।
चोरी के गहनों से करता था पत्नी का शौक पूरा
शहर में चोरी की बड़ी वारदातों को अंजाम देने वाले चोर गिरोह के सरगना सुंदर गुर्जर की पत्नी नीतू को गहने पहनने का शौक था। पत्नी के इस शौक को पूरा करने के लिए वह जेवरात चोरी करता था। इन जेवरात को वह बाजार के बेचने की बजाय पत्नी को पहनाता था। पुलिस को सुंदर की पत्नी का एक फोटो भी मिला है जिसमें वह चोरी के जेवरात पहने हुए है।
सीएसपी राहुल लोढ़ा ने बताया कि सुंदर गुर्जर शातिर चोर रहा है और बड़ी वारदातों को ही अंजाम देता है। इसने प्रॉपर्टी डीलर भूपेंद्र कराना के यहां पर चोरी अपने जीजा भूरा गुर्जर के साथ मिलकर की थी। भूपेंद्र के नजदीकी व्यक्ति ने रैकी कर सुंदर को बताया था कि भूपेंद्र के घर में बड़ा माल रखा है। इसके बाद सुंदर अपने जीजा भूरा के साथ प्रॉपर्टी डीलर के घर में घुसा और नकदी तथा जेवरात ले गया। श्री लोढ़ा का कहना है कि प्रॉपर्टी डीलर के जिस नजदीकी व्यक्ति के बारे में पता चला है उसकी तस्दीक की जा रही है।
मोबाइल फोन के सहारे आरोपियों तक पहुंची पुलिस एक करोड़ का राज खोलने में पुलिस का सहारा दो मोबाइल फोन बने। पुलिस ने कुछ समय पहले एक नाबालिग चोर से मोबाइल बरामद किया था। इसने बताया था कि यह मोबाइल उसके रिश्तेदार सुंदर ने दिया था। इसके बाद पुलिस ने एक और चोर से मोबाइल बरामद किया था। इसने बताया कि यह मोबाइल उसे सुंदर ने ही दिया था। इसके बाद पुलिस ने सुंदर को टारगेट पर लिया और उसके गांव बड़वासिनी में दबिश दे दी। यहां पर सुंदर के घर को देखकर पुलिस अफसर आश्चर्य में पड़ गए। इसके घर एसी, एलसीडी सहित सभी आधुनिक सुविधाएं थीं जबकि इसकी कमाई का जरिया कुछ भी नहीं था। पुलिस ने सुंदर को पकड़कर पूछताछ की तो इस बात का खुलासा हो गया।
हर चोरी में बदलता था साथी : सुंदर चोरी की हर वारदात में अपने साथी बदलता था। इसने भगतसिंह नगर में मनीष तोमर के यहां पर सात लाख और वायु नगर में वीरेंद्र गुर्जर के यहां चोरी में बबलू को अपने साथ रखा जबकि भूपेंद्र के यहां पर वारदात के लिए अपने जीजा भूरा को साथ में ले लिया।
चोरी के माल को खूब बांटा : सुंदर ने चोरी के माल को अपने रिश्तेदारों और दोस्तों में खूब बांटा और जुए में बड़े दांव लगाए। इसने अपने जीजा भूरा को दस लाख रुपए दिए और दूसरे जीजा महेंद्र को छह लाख। इसके अलावा जुए में भी पंद्रह लाख हार गया। चोरी के रुपयों से यह फॉर्म हाउस बनाना चाहता था इसके लिए यह अच्छी जमीन की तलाश कर रहा था। इसने तीन ट्रैक्टर भी खरीदे इन ट्रैक्टराें को वह रोजगार के लिए उपयोग करना चाहता था। चोरी की वारदातें करने के लिए वह अपना घर छोड़कर मालनपुर में किराए के मकान में रहता था और यहीं से वह अपने गिरोह को ऑपरेट करता था।
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