(फाइल फोटोः सट्टा लगाते हुए सटोरिए)
ग्वालियर। ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड में हो रहे क्रिकेट विश्वकप के लिए दुनिया भर की टीमों के साथ ही शहर के सटोरिओं ने भी कमर कस ली है। हालांकि इसकी भनक पुलिस को भी लग गई है, लिहाजा इससे निपटने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
विश्वकप क्रिकेट में टीमों की जीत-हार पर बाजी लगाने के लिए सटोरियों के गिरोह फिर सक्रिय हो गए हैं। शहर के सटोरियों के तार जयपुर, झांसी और दिल्ली तक से जुड़े हैं। किन टीमों की जीत-हार दांव खेले जाने हैं, ये तय हो चुका है। हालांकि दांव पर लगने वाली रकम तो मैच के दौरान ही तय होगी, लेकिन सूत्रों के मुताबिक बीते अनुभवों के आधार पर शहर में सट्टे में 25-50 लाख रुपए की रकम के बारे-न्यारे होंगे।
आस्ट्रेलिया पर सबसे बड़ा दांव
विश्वकप विजेता के रूप में शहर के सटोरियों की पसंद में सबसे आगे टीम-ऑस्ट्रेलिया है। बाजी लगाने वालों में दूसरी पसंद भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच हैं। इन दोनों में सटोरियों ने टीम-इंडिया की जीत पर बड़े दांव लगाने की तैयारी की है। भारत का पहला मुकाबला पाकिस्तान से पंद्रह फरवरी को है। इस मैच के दौरान शहर में सबसे ज्यादा सट्टा लगने की आशंका है।
शहर में पहले पकड़ा जा चुका है करोड़ों का सट्टा
शहर के मुरार इलाके में 2009 में करीब 1.5 करोड़ रुपए के सट्टे का हिसाब पाया गया था। करीब आधा दर्जन सटोरिए भी पकड़े गए थे, लेकिन मास्टरमाइंड प्रेम फरार हो गया था। पुलिस इस सटोरिए को अब भी तलाश रही है। इसकी फरारी की वजह से ही शहर में विश्वकप पर सट्टे के गुलजार होने की आशंका बढ़ गई है।
पुलिस भी हुई सक्रिय
क्रिकेट पर सट्टा लगाने वाले भी पुराने खिलाड़ी पुलिस की नजर में हैं। इनकी धरपकड़ शुरू करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ऐसे ठिकानों की सूची तैयार कर ली है जहां पर क्रिकेट का सट्टा लगाया जाता रहा है।
शहर के सट्टेबाज भिंड, मुरैना, दतिया और शिवपुरी का सट्टा भी बुक करते हैं। इन स्थानों पर सटोरियों के एजेंट रहते हैं। जो अपना कमीशन निकालने के बाद सट्टे के दांव यहां उतार देते हैं। शहर के सटोरिए जयपुर, झांसी और दिल्ली में अपना सट्टा उतारते हैं।